उत्तराखंड में बारिश का कहर, चीन सीमा से टूटा संपर्क; देहरादून समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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देहरादून। उत्तराखंड में मौसम की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राजधानी देहरादून समेत राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

 

पिथौरागढ़ जिले में धारचूला-तवाघाट हाईवे पर कुलागाड़ के पास मलबा और बोल्डर गिरने से बेली ब्रिज ध्वस्त हो गया। पुल टूटने से भारत का चीन सीमा से संपर्क पूरी तरह कट गया है। इसके साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्र की दारमा, व्यास और चौदास घाटियों में आवाजाही भी पूरी तरह ठप हो गई है।

 

उधर, नैनीताल के अयारपाटा क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच घने जंगलों के बीच पानी जमा होने से प्राकृतिक झील बन गई है। बारिश के बाद यहां का नजारा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

 

देहरादून में बुधवार को दिनभर धूप खिली रही, लेकिन शाम होते ही अचानक मौसम बदल गया और झमाझम बारिश शुरू हो गई। मौसम के लगातार बदलते मिजाज से लोगों को दिन में उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटे में दून के तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बुधवार को अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक था।

 

वहीं, देहरा खास स्थित देव ऋषि कॉलोनी में मंगलवार देर रात तेज बारिश के दौरान एक मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए। इनमें एक महिला को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

 

अचानक बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों में वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। दिन में तेज गर्मी और उमस के बाद शाम को हुई बारिश से तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

 

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, राज्य के अधिकांश जनपदों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और देहरादून में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रदेश के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की चेतावनी भी जारी की गई है।

 

लगातार बारिश को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

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