देहरादून। उत्तराखंड में मंगलवार देर रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 रही और इसका केंद्र चमोली जिले में था। भूकंप का केंद्र धरती की सतह से करीब 13 किलोमीटर नीचे था। चमोली समेत पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के कई इलाकों में लोगों ने झटके महसूस किए।
भूकंप मंगलवार रात करीब 10 बजकर 23 मिनट पर आया। झटके महसूस होते ही कई जगह लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। NCS के रिकॉर्ड के मुताबिक भूकंप का असर उत्तराखंड के अलावा दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों तक महसूस किया गया। शिमला से करीब 254 किलोमीटर, कुरुक्षेत्र से 258 किलोमीटर, नोएडा से 273 किलोमीटर, चंडीगढ़ से 275 किलोमीटर और नई दिल्ली से करीब 282 किलोमीटर दूरी तक इसके झटके दर्ज किए गए।
उत्तराखंड में चमोली के बाद हल्द्वानी, रुद्रपुर, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर समेत कई इलाकों में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। फिलहाल भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।
भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण संवेदनशील माना जाता है। मंगलवार रात आए भूकंप के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार किसी भूकंप के बाद केवल झटके महसूस होने के आधार पर बड़े भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
वहीं, मौसम विभाग ने भी उत्तराखंड में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सात से नौ अक्टूबर तक प्रदेश में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। टिहरी के लिए सात अक्टूबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की चेतावनी दर्ज की गई है।