उत्तरकाशी: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उत्तरकाशी जिले में स्यानाचट्टी के समीप यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा। इस बीच जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शनिवार को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर राहत, पुनर्बहाली और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात जल्द बहाल करने के लिए वैकल्पिक मार्ग का निर्माण युद्धस्तर पर कराने और सभी आवश्यक संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग को स्यानाचट्टी में यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल का कार्य हर हाल में एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश भी दिए।
डीएम प्रशांत आर्य ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को राहत, बचाव और पुनर्बहाली कार्य पूरी संवेदनशीलता और तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए।
उपजिलाधिकारी बड़कोट को ट्रांसशिपमेंट व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही वैकल्पिक पैदल मार्ग के संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में रस्सियां, सोलर लाइट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए, ताकि यात्रियों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।
जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग द्वारा यमुना नदी पर चल रहे चैनलाइजेशन कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के प्रवाह को सुचारु बनाए रखने, गढ़गाड़ क्षेत्र में बहाव में बाधा बने मलबे को तत्काल हटाने और चैनलाइजेशन कार्य में मशीनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि बीते गुरुवार दोपहर स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी भूस्खलन होने के बाद से मार्ग पूरी तरह बंद है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से बार-बार मलबा और बड़े पत्थर गिरने से सड़क खोलने का कार्य प्रभावित हो रहा है। सुरक्षा कारणों से प्रशासन अब तक हाईवे पर यातायात बहाल नहीं कर सका है।
हाईवे बंद होने से यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को स्यानाचट्टी के पास अपने वाहनों से उतरकर पैदल मलबा प्रभावित क्षेत्र पार करना पड़ रहा है। दूसरी ओर खड़े वाहनों से उन्हें आगे की यात्रा करनी पड़ रही है। वहीं, सड़क बंद रहने से स्थानीय लोगों की आवाजाही, व्यापार और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।