देहरादून। राजधानी देहरादून के बिधौली क्षेत्र में छात्रों और पुलिस के बीच विवाद का मामला सामने आया है। कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर रिश्वत मांगने, विरोध करने पर मारपीट करने और शिकायत दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया है। मामले में एक छात्रा का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उसने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, देहरादून पुलिस ने छात्रों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि पुलिस मौके पर आपसी झगड़े की सूचना पर पहुंची थी और शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका के चलते तीन छात्रों को गिरफ्तार किया गया था।
छात्रा के मुताबिक, वह अपने दोस्तों के साथ बिधौली मैगी प्वाइंट जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। छात्रा का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनसे रिश्वत मांगने की कोशिश की। रिश्वत देने से इनकार करने और विरोध करने पर पुलिसकर्मी उसके एक दोस्त को अंदर ले गए।
छात्रा ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके दोस्त के साथ मारपीट की। जब वह अपने दोस्त के पीछे गई तो कथित तौर पर उसे भी धक्का दिया गया। छात्रा का कहना है कि मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे वहां दोबारा नहीं आने की धमकी भी दी।
छात्रा के अनुसार, जब उसने अपने दोस्त को छोड़ने की गुहार लगाई तो उसे करीब दो से तीन घंटे तक इंतजार कराया गया। इसके बाद उसने अपने अन्य दोस्तों को मामले की जानकारी दी। छात्रा का आरोप है कि जब वे मामले की जानकारी लेने पुलिस के पास पहुंचे तो उन्हें इधर-उधर घुमाया गया।
मामला तब और बढ़ गया जब छात्र शिकायत लेकर प्रेमनगर थाने पहुंचे। छात्रा का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत लेने से इनकार कर दिया। उसने वहां मौजूद एक कॉन्स्टेबल के व्यवहार पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उन्हें कथित तौर पर चुनौती देने वाला रवैया अपनाया गया।
पुलिस ने छात्रों के आरोपों को बताया निराधार
वहीं, मामले में देहरादून पुलिस का पक्ष सामने आया है। सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल के अनुसार, मामला 17 अगस्त का है। थाना प्रेमनगर पुलिस को बिधौली क्षेत्र में कुछ लोगों के सार्वजनिक स्थान पर आपस में झगड़ा करने की सूचना मिली थी।
पुलिस के अनुसार, मौके पर पहुंचने पर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष सार्वजनिक मार्ग पर हंगामा करते हुए एक-दूसरे से मारपीट पर उतारू थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और विवाद बढ़ता गया।
पुलिस का कहना है कि शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए मौके से तीन छात्रों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें विकासनगर अदालत में पेश किया गया।
सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने बताया कि पुलिस मौके पर छात्रों के आपसी विवाद की सूचना पर पहुंची थी। छात्रों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने पुलिस के साथ भी बहस शुरू कर दी। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर अदालत में पेश किया गया।
फिलहाल छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस के पक्ष के बीच मामला सामने आया है। घटना को लेकर छात्रों में आक्रोश है, जबकि पुलिस ने रिश्वत मांगने और मारपीट के आरोपों से इनकार किया है।