देहरादून | उत्तराखंड: उत्तराखंड में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य की एसटीएफ (Special Task Force) ने 86 अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों (URLs) को ब्लॉक कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में लागू किए गए “उत्तराखंड गैंबलिंग लॉ 2026” के तहत की गई है।
अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क पर सख्ती
एसटीएफ के अनुसार, ये वेबसाइटें लोगों को “तेजी से पैसा कमाने” का लालच देकर ऑनलाइन सट्टेबाजी के जाल में फंसा रही थीं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चल रहे इस अवैध नेटवर्क को रोकने के लिए साइबर टीम ने तकनीकी कार्रवाई करते हुए सभी 86 यूआरएल को ब्लॉक कराया है।
नए कानून में कड़े प्रावधान
“उत्तराखंड गैंबलिंग लॉ 2026” के तहत ऑनलाइन सट्टा और जुआ संचालित करने वालों पर सख्त दंड का प्रावधान किया गया है:
सट्टा सिंडिकेट चलाने पर 3 से 5 साल की जेल
₹2 लाख से ₹10 लाख तक का जुर्माना
अवैध जुआ घर चलाने या फंडिंग करने पर 5 साल तक की जेल
₹1 लाख तक का जुर्माना
इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर जुआ खेलने या खिलाने वालों को पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार कर सकती है।
दोबारा अपराध पर सख्त कार्रवाई
कानून में आदतन अपराधियों के लिए भी विशेष प्रावधान है। दोबारा पकड़े जाने पर दोगुनी सजा और जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्तियों को जब्त और कुर्क करने का अधिकार भी पुलिस को दिया गया है।
पुलिस की अपील
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध गेमिंग एप्स से दूर रहें। उन्होंने कहा कि “जल्दी पैसे कमाने का लालच” अक्सर आर्थिक नुकसान और अपराध की ओर ले जाता है।
उन्होंने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या ऐप की जानकारी तुरंत पुलिस को देने और साइबर जागरूकता के लिए आधिकारिक चैनलों को फॉलो करने की सलाह दी है।