हरिद्वार में छात्रवृत्ति घोटाले का बड़ा खुलासा, 19 शिक्षण संस्थानों पर मुकदमा दर्ज; एसआईटी करेगी जांच

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हरिद्वार: केंद्र सरकार की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में कथित वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) की जांच में संदिग्ध पाए गए हरिद्वार जिले के 19 स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला वर्ष 2021-22 और 2022-23 की छात्रवृत्ति से जुड़ा है और इसमें करोड़ों रुपये के गबन की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने एसआईटी गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

 

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इप्सिता रावत की शिकायत पर सिडकुल थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित शिक्षण संस्थानों ने अल्पसंख्यक छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति योजना में वित्तीय अनियमितता करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया।

 

मामले की शुरुआत तब हुई जब भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (छात्रवृत्ति प्रभाग) ने 21 मार्च 2025 को उत्तराखंड शासन को पत्र भेजकर राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर वर्ष 2021-22 और 2022-23 में संदिग्ध पाए गए संस्थानों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। इसके बाद राज्य सरकार ने 19 मई 2025 को सभी जिलाधिकारियों को जांच कर दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए।

 

निर्देशों के अनुपालन में तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार ने 24 मई 2025 को उपजिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जांच समितियों का गठन किया। भगवानपुर, लक्सर, हरिद्वार और रुड़की के उपजिलाधिकारियों ने जांच पूरी कर जून 2025 में अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी। जांच रिपोर्ट में कई संस्थानों में वित्तीय अनियमितता, धोखाधड़ी और शासकीय धन के गबन के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने की बात कही गई।

 

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इप्सिता रावत ने बताया कि उपजिलाधिकारियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। वहीं एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि मामले की जांच के लिए सीओ सदर एसपी बलूनी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया जा रहा है। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

पुलिस ने जिन 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, उनमें विभिन्न स्कूल, इंटर कॉलेज, आईटीआई, मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग संस्थान शामिल हैं। पुलिस अब पूरे छात्रवृत्ति वितरण रिकॉर्ड, दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है।

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