उत्तराखंड में मॉनसून का असर तेज: कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर मलबा गिरने से दो लेन बंद

देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को राजधानी देहरादून समेत गढ़वाल और कुमाऊं के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से राहत मिली। मौसम विभाग ने बुधवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

 

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेशभर में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

 

मॉनसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आपदा पीड़ितों और किसी बड़े हादसे में घायलों के त्वरित उपचार के लिए 12 सदस्यीय क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) का गठन किया गया है। प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने एमएस डॉ. आर.एस. बिष्ट के नेतृत्व में टीम बनाई है, जो सूचना मिलने के 15 मिनट के भीतर सक्रिय होकर राहत कार्य शुरू करेगी। वहीं, निदेशक डॉ. अजय आर्य ने सभी मेडिकल कॉलेजों को भी ऐसी टीमें गठित करने और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

 

इधर, मॉनसून ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भी पहली बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। सहारनपुर के बिहारीगढ़ स्थित वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर के पास पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण एक तरफ की तीन में से दो लेन बंद करनी पड़ी हैं। इसके चलते यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। एहतियात के तौर पर एनएचएआई ने डाट काली मंदिर की ओर जाने वाला एलिवेटेड फ्लाईओवर भी बंद कर दिया है।

 

लगातार रूट परिवर्तन और निर्माण कार्य के चलते पिछले करीब 15 दिनों से हजारों वाहन चालकों और श्रद्धालुओं को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। डाट काली मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को आशारोड़ी सीमा पार कर देहरादून की ओर जाकर यू-टर्न लेना पड़ रहा है। भूस्खलन की आशंका को देखते हुए एनएचएआई ने पहाड़ियों को सुरक्षित करने का कार्य तेज कर दिया है। डाट काली मंदिर से पहले चार स्थानों पर ढलानों की कटिंग कर स्टील वायर का जाल लगाया जा रहा है तथा पाइलिंग के जरिए ढलानों को मजबूत किया जा रहा है।

 

बारिश का असर एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों पर भी देखने को मिला है। बागपत के गांगनौली अंडरपास के पास हाल ही में बना सीसी स्लैब क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि मिट्टी के पुश्ते में कटान होने से खतरा बढ़ गया है। वहीं, मुजफ्फरनगर में दून-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर नारा-जड़ौदा क्षेत्र में जलभराव के कारण यातायात धीमा हो गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में पानी की निकासी और नालों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया है।

 

प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

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