केदारनाथ यात्रा धीमी पड़ते ही गौरीकुंड की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, जाम नालियों और गंदगी से बढ़ी परेशानी

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ ही गौरीकुंड की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यात्रा सीजन के दौरान जहां स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा था, वहीं अब श्रद्धालुओं की संख्या कम होते ही व्यवस्थाएं भी ढीली पड़ती दिखाई दे रही हैं। बाजार क्षेत्र की नालियां कूड़े-कचरे से जाम हैं, जबकि पैदल मार्ग, अस्पताल रोड और पुलिस चौकी मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की लीद फैली होने से स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

 

लगातार हो रही बारिश के कारण जाम नालियों से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। इसके चलते गंदा पानी दुकानों के सामने जमा हो रहा है और गौरीमाई मंदिर परिसर की ओर भी बह रहा है। इससे व्यापारियों को नुकसान की आशंका के साथ श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।

 

अस्पताल मार्ग और पुलिस चौकी मार्ग पर फैली घोड़े-खच्चरों की लीद बारिश के पानी के साथ मिलकर फिसलन और दुर्गंध का कारण बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

 

स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का आरोप है कि यात्रा के चरम समय में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या कम होते ही जिम्मेदार विभागों की सक्रियता भी कम हो जाती है। उनका कहना है कि गौरीकुंड जैसे प्रमुख तीर्थ स्थल पर पूरे वर्ष नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है।

 

व्यापार संघ अध्यक्ष रामचंद्र गोस्वामी ने बताया कि बाजार क्षेत्र की नालियां कूड़े से भरी होने के कारण बरसाती पानी की निकासी बाधित हो रही है और गंदा पानी दुकानों के साथ मंदिर परिसर तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बाजार क्षेत्र में नियमित सफाई अभियान चलाने, नालियों की तत्काल सफाई कराने और घोड़े-खच्चरों के आवागमन वाले मार्गों पर विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

 

उधर, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि गौरीकुंड की सफाई व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और स्वच्छता व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।

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