लैंसडौन: लैंसडौन का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में मंगलवार सुबह से ही नगर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन और नागरिक मंच के बैनर तले लोगों ने गांधी चौक से लेकर कैंट बोर्ड कार्यालय तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। गांधी चौक में जनसभा आयोजित कर एसडीएम शालिनी मौर्य के माध्यम से रक्षा मंत्री Rajnath Singh को ज्ञापन भेजते हुए लैंसडौन का नाम यथावत रखने की मांग की गई।
दरअसल, बीती 10 अप्रैल को हुई छावनी परिषद की बैठक में Lansdowne का नाम बदलकर ‘जसवंतगढ़ छावनी’ रखने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इस प्रस्ताव के सामने आते ही नगर में विरोध तेज हो गया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को व्यापारी, होटल कारोबारी और नागरिक मंच से जुड़े लोग सड़कों पर उतर आए। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने गांधी चौक में जनसभा कर नाम परिवर्तन का पुरजोर विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि लैंसडौन नाम देश-विदेश में प्रसिद्ध है और यह एक प्रमुख हिल स्टेशन व पर्यटन नगरी के रूप में पहचान रखता है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नाम बदलने के बजाय क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जनसभा के बाद गांधी चौक से छावनी परिषद कार्यालय तक जुलूस निकाला गया और विरोध दर्ज कराया गया। एसडीएम शालिनी मौर्य ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया।
कांग्रेस नेता रघुवीर बिष्ट और धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि नाम परिवर्तन से लैंसडौन की वैश्विक पहचान प्रभावित होगी। अन्य वक्ताओं में जयहरीखाल की कनिष्ठ प्रमुख पूनम मैंदोला, क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्रांत खंतवाल, शशि बिष्ट, अशोक बुड़ाकोटी, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सतीजा, कैंट होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सलीम रहमान, होटल जीएम ग्रुप के संजीव नैनवाल, कांग्रेस नगर अध्यक्ष रोशन शाह, सौरभ नेगी और हितेश शर्मा सहित कई लोग शामिल रहे।
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी हर्षित राज को भी ज्ञापन सौंपकर लैंसडौन का नाम यथावत रखने की मांग दोहराई।