देहरादून में करोड़ों की प्रॉपर्टी धोखाधड़ी का खुलासा, एक ही संपत्ति दो बार बेचकर हड़पे 1.65 करोड़ रुपये

देहरादून: राजधानी देहरादून में संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। नगर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी संजय जैन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक ही संपत्ति को दो अलग-अलग लोगों को बेचकर करीब 1 करोड़ 65 लाख रुपये की ठगी की।

 

पुलिस के अनुसार, बलवीर रोड निवासी विनोद प्रकाश अग्रवाल ने 24 मई को नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि हरिद्वार रोड स्थित अरिहंत टावर की पांचवीं मंजिल पर मौजूद संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर संजय जैन और उसके साथियों ने उक्त संपत्ति उन्हें बेच दी और बदले में 1.65 करोड़ रुपये ले लिए।

 

बाद में जांच के दौरान पता चला कि यही संपत्ति पहले ही निशांत गर्ग नामक व्यक्ति को बेची जा चुकी थी। इसके बाद पीड़ित ने खुद को ठगा हुआ महसूस करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी संजय जैन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में इस धोखाधड़ी में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

 

नगर कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने बताया कि संजय जैन की हरिद्वार में लगेज बैग बनाने की फैक्ट्री थी, जो लगातार घाटे में चल रही थी। कारोबार में नुकसान होने के कारण उस पर भारी कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसकी पत्नी रितु जैन ने वर्ष 2024 में अरिहंत टावर स्थित संपत्ति को तीन हिस्सों में विभाजित कर सेल डीड के माध्यम से निशांत गर्ग को बेच दिया था।

 

पुलिस जांच में सामने आया कि पहली बिक्री के बाद भी कर्ज का बोझ कम नहीं हुआ। इसके बाद आरोपियों ने कथित रूप से उसी संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और वर्ष 2025 में उसे दोबारा विनोद प्रकाश अग्रवाल को बेच दिया। इस तरह आरोपियों ने एक ही संपत्ति को दो बार बेचकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

 

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।

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