देहरादून: उत्तराखंड की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में एक बार फिर पेपर लीक का मामला सामने आया है। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UKTU) ने सत्र 2025-26 की सम सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान दो विषयों के प्रश्नपत्रों की गोपनीयता भंग होने की पुष्टि के बाद दोनों परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। विश्वविद्यालय ने मामले की जांच पूरी होने के बाद संबंधित बाह्य प्रश्नपत्र निर्माता (External Paper Setter) पर सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की सभी परीक्षा गतिविधियों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार Machine Learning for Internet of Things (IOTT004) और Electromagnetic Field Theory (ECT043) विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं। इन दोनों विषयों की पुनः परीक्षा अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम और परीक्षा केंद्रों की जानकारी जल्द ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
जांच में सामने आया बड़ा खुलासा
विश्वविद्यालय स्तर पर गठित उच्च स्तरीय जांच समिति और संबंधित संस्थान की आंतरिक जांच में पाया गया कि External Paper Setter आशीष कुमार गुप्ता, सहायक प्रोफेसर, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून ने परीक्षा से पहले छात्रों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप पर परीक्षा से संबंधित समान प्रश्न साझा किए थे। विश्वविद्यालय ने इसे परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता, निष्पक्षता और अकादमिक मानकों का गंभीर उल्लंघन माना है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ECT043 (Electromagnetic Field Theory) विषय का प्रश्नपत्र भी उसी शिक्षक द्वारा तैयार किया गया था। ऐसे में विश्वविद्यालय ने इस विषय के प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने की आशंका को देखते हुए इसे भी रद्द करने का निर्णय लिया।
सात साल का प्रतिबंध, सख्त निर्देश जारी
मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने संबंधित बाहरी प्रश्नपत्र निर्माता को आगामी सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की किसी भी परीक्षा संबंधी गतिविधि से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही संबंधित संस्थान को परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अगस्त में होगी दोबारा परीक्षा
UKTU ने स्पष्ट किया है कि छात्रहित और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दोनों विषयों की परीक्षाएं रद्द की गई हैं। पुनर्परीक्षा अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित होगी। विश्वविद्यालय ने सभी छात्रों से आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर जारी होने वाले अपडेट पर नियमित नजर बनाए रखने की अपील की है।
पेपर लीक की इस घटना ने एक बार फिर उत्तराखंड की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले में आगे भी आवश्यक कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।