चमोली: पीपलकोटी के मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने टनल के अंदर जाकर राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया और अधिकारियों व रेस्क्यू टीमों से अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली।
विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी टनल की लंबाई करीब तीन किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण अचानक मलबा और पानी भर गया था। हादसे के बाद 22 मजदूर टनल के अंदर फंस गए थे।
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू अभियान में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और अन्य टीमों से बातचीत कर अभियान की प्रगति जानी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टनल में फंसे शेष तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया जाए।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से अब तक 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। शेष तीन लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की सूचना है।
रेस्क्यू किए गए घायलों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों की टीमें घायलों के उपचार के साथ उनकी लगातार निगरानी कर रही हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव अभियान के साथ घायलों के उपचार और प्रभावित मजदूरों के परिजनों की सहायता में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने रेस्क्यू टीमों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और अभियान को पूरी सावधानी के साथ संचालित करने को कहा।
इस दौरान काबीना मंत्री एवं प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।