उत्तराखंड मौसम। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है। विभाग की ओर से येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का अनुमान जताया गया है।
इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिसके चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। जबकि राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
रुद्रप्रयाग में अतिवृष्टि से नुकसान
रुद्रप्रयाग जनपद के जखोली क्षेत्र के खलियाण बांगर और पुजार गांव में बुधवार शाम हुई अतिवृष्टि से कई स्थानों पर नुकसान हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
पुजार गांव के दोनों ओर स्थित बलिहारी और रौण्ड गदेरों में तेज बहाव के साथ आए मलबे और बोल्डरों से रामचंद्र भट्ट और प्रकाश भट्ट के आवासीय आंगनों में मलबा भर गया। वहीं बुरांश गदेरे में उफान आने से खिलानंद भट्ट, राकेश भट्ट और सतीश भट्ट की कृषि भूमि का कुछ हिस्सा बह गया।
इसके अलावा भानु प्रसाद भट्ट की गौशाला के पीछे बड़े-बड़े बोल्डर जमा हो गए। खलियाण गांव में रामचंद्र भट्ट की पुस्तक भंडार एवं प्रोविजन स्टोर के पीछे भी भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से नुकसान पहुंचा।
अतिवृष्टि के कारण बुरांश गदेरे पर बनी दो पुलियाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं जखोली-बधानीताल मोटर मार्ग और पुजारगांव-कुरछौला मार्ग पर भारी मलबा और बोल्डर आने से यातायात बाधित हो गया।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।
SIR-2026: मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में लापरवाही पर मुख्य शिक्षा अधिकारी को नोटिस
देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत मतदाता जागरूकता गतिविधियों में कथित लापरवाही बरतने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष चौहान ने मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून तथा स्वीप (SVEEP) समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।
भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड के निर्देशों के तहत प्रदेशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना, पात्र नागरिकों का नाम जोड़ना, अपात्र प्रविष्टियों को हटाना और मतदाताओं को जागरूक बनाना है।
इसी क्रम में आईटी पार्क के समीप एक जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाना था, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने वाला था। निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम की आवश्यक तैयारियां अधूरी पाए जाने पर जिला प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही माना और संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया।
जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कहा कि निर्वाचन संबंधी गतिविधियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। मतदाता जागरूकता अभियान निर्वाचन प्रक्रिया का अहम हिस्सा है, इसलिए सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और समयबद्धता के साथ करना चाहिए।
प्रशासन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को तीन दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।