देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर सियासी घमासान के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया की निगरानी के लिए 9 प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया है। प्रदेश में SIR के दौरान अब तक 1.07 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इनमें हरिद्वार जिले की पिरान कलियर विधानसभा सीट से विधायक फुरकान अहमद का नाम भी शामिल है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों के 22 विधानसभा क्षेत्रों में दावे-आपत्तियों के निस्तारण की निगरानी के लिए 9 आईएएस/पीसीएस अधिकारियों की तैनाती की है।
हरिद्वार में 4, नैनीताल में 1 और ऊधमसिंह नगर में 4 अधिकारी
जारी आदेश के अनुसार हरिद्वार जिले में डॉ. संदीप तिवारी, ललित नारायण मिश्र, नन्द कुमार और गोपाल राम बिनवाल को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है। नैनीताल जिले में संजय कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं ऊधमसिंह नगर में प्रकाश चन्द्र दुम्का, जय किशन, विनीत तोमर और दिवेश शाशनी पर्यवेक्षण अधिकारी के तौर पर निगरानी करेंगे।
इन अधिकारियों की जिम्मेदारी संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पर नजर रखना होगी। इसमें नोटिस वितरण, नोटिस की तामीली और सुनवाई की प्रक्रिया की निगरानी भी शामिल है।
हफ्ते में दो बार देनी होगी रिपोर्ट
पर्यवेक्षण अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि दावे और आपत्तियों का निस्तारण भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो। अधिकारी अपने दैनिक निरीक्षण की रिपोर्ट संबंधित मंडलायुक्त के माध्यम से मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को सप्ताह में दो बार उपलब्ध कराएंगे।
इसके लिए Manual on Electoral Roll-2023 के अध्याय-11 में निर्धारित पुनरीक्षण प्रक्रिया और रिपोर्टिंग प्रारूप का पालन किया जाएगा।
जारी आदेश के मुताबिक, निर्धारित पुनरीक्षण अवधि तक नामित अधिकारी आयोग के नियंत्रण, पर्यवेक्षण और अनुशासन के अधीन रहेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।