देहरादून। उत्तराखंड में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पार्किंग की समस्या से राहत दिलाने के लिए परिवहन विभाग नया पार्किंग ऐप तैयार कर रहा है। इस ऐप के जरिए लोग रियल टाइम में यह देख सकेंगे कि किस पार्किंग स्थल पर कितनी जगह उपलब्ध है। साथ ही होटल बुकिंग की तरह वाहन पार्किंग के लिए स्लॉट की प्री-बुकिंग भी की जा सकेगी। राज्य में आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा।
पर्यटन सीजन के दौरान उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटक और धार्मिक स्थलों पर वाहनों की संख्या बढ़ने से पार्किंग की समस्या गंभीर हो जाती है। कई बार वाहन चालक सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। देहरादून के घंटाघर, प्रमुख बाजारों और पर्यटन स्थलों के अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम मार्ग पर भी पार्किंग की कमी के कारण जाम की स्थिति बनती है।
इसी समस्या को देखते हुए परिवहन विभाग एक समर्पित पार्किंग ऐप विकसित करने की तैयारी कर रहा है। शुरुआती चरण में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तहत देहरादून में लागू किया जाएगा। विभाग के अनुसार ऐप में रियल टाइम पार्किंग स्पेस की उपलब्धता, प्री-बुकिंग और जीपीएस नेविगेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
अगर किसी पार्किंग स्थल पर जगह उपलब्ध नहीं होगी तो ऐप के जरिए वाहन चालक को आसपास के दूसरे पार्किंग स्थलों की जानकारी भी मिल सकेगी। विभाग की कोशिश है कि सरकारी और निजी, दोनों तरह के पार्किंग स्थलों को ऐप से जोड़ा जाए। इससे वाहन चालकों को पार्किंग तलाशने के लिए सड़कों पर अनावश्यक रूप से घूमना नहीं पड़ेगा।
देहरादून में इससे पहले स्मार्ट सिटी और एमडीडीए की पहल के तहत ‘mPark’ ऐप के जरिए 27 स्थानों पर ऐप आधारित पार्किंग व्यवस्था शुरू की गई थी। हालांकि, यह व्यवस्था अपेक्षित रूप से प्रभावी नहीं हो सकी और पार्किंग का संचालन मुख्य रूप से ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर ही होता रहा।
अब परिवहन विभाग पहले के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए राज्यस्तरीय पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। संभावना है कि अगले दो से तीन महीने में ऐप तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद इसे देहरादून में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट से मिलने वाले फीडबैक और परिणामों के आधार पर इसे अन्य जिलों में लागू करने का निर्णय लिया जाएगा।
अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने बताया कि पार्किंग ऐप तैयार किया जा रहा है और इसे देहरादून जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। ऐप तैयार करने के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। देहरादून में व्यवस्था सफल रहने पर इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विभाग की कोशिश सरकारी और निजी सभी पार्किंग स्थलों को ऐप से जोड़ने की है। इसके साथ ही पार्किंग को लेकर नीति तैयार की जा रही है, जिसमें निजी क्षेत्र में पार्किंग विकसित करने वालों के लिए प्रावधान और पार्किंग शुल्क के नियमन से जुड़े नियम शामिल किए जाएंगे।
विभाग का मानना है कि पार्किंग ऐप के माध्यम से वाहन चालकों को पहले से पार्किंग उपलब्धता की जानकारी मिलने से सड़क किनारे अवैध पार्किंग कम होगी और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों के आधार पर भविष्य में इसे प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों और पर्यटन क्षेत्रों तक विस्तार दिया जा सकता है।