देहरादून: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार 18 से 20 जुलाई तक देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, चंपावत, उत्तरकाशी और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं 21 जुलाई को विशेष रूप से बागेश्वर जिले में भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान जताया गया है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कों पर मलबा आने की आशंका बनी रहेगी। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
उधर, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही करने की सलाह दी गई है। साथ ही नदियों, सहायक नदियों, बरसाती नालों, गदेरों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने को कहा गया है।
देहरादून में स्कूलों की छुट्टी
देहरादून में शनिवार को भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, गैर सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
बारिश से मौसम हुआ सुहावना
शुक्रवार को देहरादून में करीब आधे घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। पिछले एक सप्ताह से तेज धूप और अधिक नमी के कारण लोग परेशान थे, लेकिन बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शाम के समय शहर में ठंडी हवाएं चलने से लोग घरों से बाहर निकलकर मौसम का आनंद लेते नजर आए।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
बारिश के चलते डीएल रोड पुलिस चौकी के पास नाला चोक होने से जलभराव की स्थिति बनी, जबकि आईटीबीपी सन पार्क होटल के समीप सड़क पर भी पानी भर गया। गुजराड़ा मानसिंह क्षेत्र में सड़क पर मलबा आने के बाद जेसीबी मशीन भेजकर मार्ग को साफ कराया गया।
नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने सभी क्विक रिस्पॉन्स टीमों को जलभराव और आपदा संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं मेयर सौरभ थपलियाल ने आपदा नियंत्रण कक्ष में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।