पिथौरागढ़ में बारिश का कहर, चीन सीमा को जोड़ने वाला हाईवे बंद; 50 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा

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पिथौरागढ़: उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे अधिक असर सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में देखने को मिला, जहां भूस्खलन और मलबा आने से चीन सीमा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। इसके चलते धारचूला तहसील के 50 से अधिक गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है। प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियां मार्ग खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।

चीन सीमा और आदि कैलाश मार्ग पर भूस्खलन

भारी बारिश के कारण टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर तवाघाट के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। वहीं, आदि कैलाश यात्रा मार्ग के मलघाट क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने से यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है।

इसके अलावा तवाघाट-लिपुलेख (कैलास मानसरोवर) मार्ग और तवाघाट-सोबला-तिदांग सीमा मार्ग भी कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण बंद हो गए हैं, जिससे चीन सीमा तक सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।

पैदल पुल बहा, श्रद्धालु और यात्री फंसे

धारचूला तहसील के घटखोला से सीनियाखोला को जोड़ने वाला पैदल पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। सीमा मार्ग बंद होने के कारण आदि कैलाश यात्रा पर निकले श्रद्धालु भी बीच रास्ते में फंस गए हैं, जबकि दारमा और व्यास घाटी जाने वाले कई वाहनों को तवाघाट क्षेत्र में रोक दिया गया है।

82 मिमी बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें

बीती रात क्षेत्र में 82 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे हालात और गंभीर हो गए। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

13 सड़कें बंद, ग्रामीण इलाकों में जनजीवन प्रभावित

लोक निर्माण विभाग के अनुसार जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कुल 13 सड़कें बंद हैं। इनमें 12 ग्रामीण मोटर मार्ग शामिल हैं। थल-मुनस्यारी, गिनीबैंड-समकोट, तवाघाट-थानीधार, डुंगरी-वासूड़ी, तपोवन-गर्बी, मटलोट-दारमा, कालिका-खुर्मी और अन्य कई मार्ग मलबा आने और भूस्खलन के कारण बंद पड़े हैं।

पीएमजीएसवाई के अंतर्गत आने वाले कई ग्रामीण मार्ग भी बाधित हैं। देवीबगड़-खेतकन्याला गधेरी मार्ग पहले से हुए वॉशआउट के कारण अब भी पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है, जिससे दूरस्थ गांवों की आवाजाही प्रभावित बनी हुई है।

मार्ग खोलने में जुटा प्रशासन

सीमांत क्षेत्र में बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग की टीमें मशीनों के साथ सड़कें खोलने में जुटी हैं। हालांकि मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे राहत और बहाली कार्यों में और देरी हो सकती है।

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