देहरादून। उत्तराखंड में भूकंप का खतरा अब और बढ़ गया है। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने नया अर्थक्वेक डिजाइन कोड और अपडेटेड भूकंपीय जोनेशन मैप जारी किया है। इस नए बदलाव के बाद पूरा उत्तराखंड देश के सबसे अधिक जोखिम वाले भूकंपीय क्षेत्र “जोन-6” में शामिल हो गया है।
पहले उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों को दो जोन में बांटा गया था। देहरादून, ऋषिकेश और कोटद्वार जैसे प्रमुख शहर Zone-4 में और धारचूला, मुनस्यारी, उत्तरकाशी सहित कई पर्वतीय क्षेत्र Zone-5 में आते थे। लेकिन अब पूरे राज्य को एक साथ सबसे खतरनाक श्रेणी में रखा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बदलते भूगर्भीय हालात और पिछले वर्षों के डाटा के आधार पर हिमालयी क्षेत्र में भूकंप का खतरा तेजी से बढ़ा है। इसी कारण पहली बार पूरा हिमालयी बेल्ट Zone-6 में शामिल किया गया है।
इस मामले पर राज्य के आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि उत्तराखंड को Zone-6 में रखने का मतलब यह है कि यहाँ भूकंप का खतरा अत्यधिक गंभीर है। उन्होंने कहा कि “राज्य के बिल्डिंग बायलॉज में बड़े बदलाव करने होंगे। साथ ही भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं को लेकर आम जनता में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।”
राज्य सरकार ने भी सुझाव दिए हैं कि भविष्य में किसी भी इमारत का निर्माण नए सुरक्षा मानकों के अनुसार ही किया जाना चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।