हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में निर्जला एकादशी स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही हर की पैड़ी समेत शहर के प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु गंगा स्नान के साथ दान-पुण्य कर पुण्य लाभ की कामना कर रहे हैं।
स्नान पर्व को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। पूरे मेला क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 12 जोन और 30 सेक्टरों में बांटकर पुलिस बल की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। साथ ही रूट डायवर्जन प्लान लागू कर भारी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से पहुंचे श्रद्धालु
निर्जला एकादशी के महत्व को देखते हुए दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं। सुबह से ही श्रद्धालु हर की पैड़ी पर गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना और दान-पुण्य कर रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि शाम की गंगा आरती तक श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच सकती है।
निर्जला एकादशी का धार्मिक महत्व
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और जल-अन्न का दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार, वर्षभर में 24 एकादशियां आती हैं, लेकिन निर्जला एकादशी का व्रत सभी एकादशियों के समान फल देने वाला माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होने की धार्मिक मान्यता है।
सोमवती अमावस्या की भीड़ को देखते हुए तैयारी
इससे पहले सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर हरिद्वार में करीब 75 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया था। इसी को देखते हुए निर्जला एकादशी पर भी प्रशासन ने पहले से तैयारियां की हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मेला क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन का कहना है कि स्नान पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।