हरिद्वार: मोतीचूर क्षेत्र में नाले की खुदाई से निकली मिट्टी के कथित अवैध उठान की शिकायत की जांच के दौरान हुए विवाद के बाद शासन ने जिला खनन अधिकारी कासिम रजा पर कार्रवाई की है. शासन ने उन्हें हरिद्वार के जिला खनन अधिकारी पद से हटाकर निदेशालय से अटैच कर दिया है. वहीं, निदेशालय में तैनात अमित गौरव को हरिद्वार जिला खनन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
बताया जा रहा है कि मंगलवार को यूकेडी जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत और जिला खनन अधिकारी कासिम रजा के बीच हुए विवाद के बाद यह कार्रवाई की गई है. मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद यूकेडी कार्यकर्ताओं ने जिला खनन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी.
दरअसल, उत्तराखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत ने आरोप लगाया था कि मोतीचूर रेलवे स्टेशन के बाहर नाले की सफाई के दौरान निकली मिट्टी को बिना अनुमति एक निजी भूमि पर डाला जा रहा है. इस संबंध में उन्होंने प्रशासन से शिकायत की थी. जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जिला खनन अधिकारी मौके पर जांच करने पहुंचे थे.
जांच के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया था और नोकझोंक की स्थिति बन गई थी. इसके बाद मामला तूल पकड़ गया. यूकेडी जिलाध्यक्ष ने जिला खनन अधिकारी पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी.
मिट्टी उठान मामले में जांच की मांग
यूकेडी जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत का कहना है कि केवल जिला खनन अधिकारी पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि नाले की खुदाई से निकली कई फीट मिट्टी को मिलीभगत कर ठिकाने लगाया गया है. उन्होंने मामले की विस्तृत जांच कर अवैध रूप से मिट्टी उठाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है.
रावत का आरोप है कि जिस स्थान पर मिट्टी डाली गई थी, वहां उसे समतल कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच राजाजी टाइगर रिजर्व और नगर निगम अधिकारियों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए की जानी चाहिए.
वहीं, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि शासन स्तर से जिला खनन अधिकारी कासिम रजा को निदेशालय अटैच किया गया है. उनकी जगह अमित गौरव ने हरिद्वार जिला खनन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया है.