कोटद्वार में ‘बाबा’ नाम विवाद में राहुल गांधी की एंट्री, बोले– उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं

कोटद्वार : पौड़ी जनपद के कोटद्वार में दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द को लेकर चल रहे विवाद में रविवार को कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की एंट्री हो गई। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी और दीपक का समर्थन किया।

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं। उन्होंने कहा कि दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं — उस संविधान के लिए जिसे भाजपा और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा कि दीपक नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहा है, ताकि भारत बंटा रहे और कुछ लोग डर के सहारे राज करते रहें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताक़तों का साथ दे रही है, जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी हैं।

पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा कि नफ़रत, डर और अराजकता के माहौल में कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। शांति के बिना विकास सिर्फ़ एक जुमला है। उन्होंने कहा कि हमें और दीपकों की ज़रूरत है — जो झुकें नहीं, जो डरें नहीं और जो पूरी ताक़त से संविधान के साथ खड़े रहें। अंत में उन्होंने लिखा, “हम तुम्हारे साथ हैं भाई। डरो मत। तुम बब्बर शेर हो।”

शनिवार को हुआ प्रदर्शन, पुलिस ने संभाला मोर्चा

बताया गया कि शनिवार को बजरंग दल के कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में पटेल मार्ग स्थित एक दुकान के पास एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। पुलिस ने स्थिति बिगड़ने से पहले ही भीड़ को तितर-बितर कर दिया। इसके बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए मालवीय उद्यान की ओर बढ़ गए।

मालवीय उद्यान में दोनों पक्षों के बीच झगड़े की नौबत आ गई थी, लेकिन पुलिस प्रशासन की मुश्तैदी के चलते स्थिति को संभाल लिया गया और बड़ा टकराव टल गया।

मालवीय उद्यान में हुई वार्ता, नहीं निकला समाधान

बजरंग दल के कार्यकर्ता मालवीय उद्यान के निकट सड़क पर ही बैठकर नारेबाजी करने लगे। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान और एएसपी चंद्रमोहन सिंह मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर वार्ता के लिए मालवीय उद्यान के भीतर ले गए, लेकिन बातचीत सफल नहीं हो सकी।

कार्यकर्ता बुधवार को हुई मारपीट की घटना में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। देर शाम पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।

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