देहरादून। राजाजी टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान अब पर्यटकों और जिप्सी चालकों के लिए मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह आदेश भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के निर्देशों के तहत जारी किया गया है। नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पार्क प्रशासन के अनुसार, मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाने का मुख्य उद्देश्य जंगल की प्राकृतिक शांति बनाए रखना, वन्यजीवों के जीवन में अनावश्यक मानवीय हस्तक्षेप को रोकना और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों का मानना है कि सफारी के दौरान मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से न केवल जानवरों की दिनचर्या प्रभावित होती है, बल्कि दुर्घटनाओं और जोखिम भरी स्थितियों की संभावना भी बढ़ जाती है।
इस फैसले के पीछे सुप्रीम कोर्ट के 17 नवंबर 2025 के आदेश का हवाला दिया गया है, जिसमें संरक्षित वन क्षेत्रों में नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए थे। इसी आदेश के अनुपालन में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने देश के विभिन्न टाइगर रिजर्व में सुरक्षा और संरक्षण को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
चीला रेंज में नोटिस भी चस्पा
नए नियम के तहत राजाजी टाइगर रिजर्व के सभी जोनों में सफारी करने वाले पंजीकृत जिप्सी चालक और पर्यटक अब अपने साथ मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। आदेश के अनुपालन में रविवार को चीला रेंज के सफारी गेट पर नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है, ताकि पर्यटकों को पहले से नियमों की जानकारी मिल सके और किसी प्रकार की असुविधा न हो।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. कोको रोसे द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पार्क प्रशासन का मानना है कि इस कदम से वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी, जंगल का प्राकृतिक वातावरण सुरक्षित रहेगा और सफारी के दौरान होने वाली अव्यवस्था एवं जोखिम भरी परिस्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।