ऋषिकेश। ऋषिकेश के शिवाजी नगर क्षेत्र में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक तलाकशुदा महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रात करीब 10 बजे जब महिला अपने घर में अकेली थी, तभी एक युवक बाइक से गली में पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। जैसे ही महिला ने जाली वाला दरवाजा खोला, आरोपी ने पिस्टल सटाकर गोली चला दी, जो सीधे महिला के सीने में लगी। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सुरेश ने इस हत्या की योजना काफी पहले ही बना ली थी। हत्या के तरीके और आरोपी के शातिर व्यवहार से यह स्पष्ट होता है कि यह वारदात किसी अचानक हुए विवाद या आवेश में नहीं, बल्कि पूरी तरह से सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई है।
शहर में छोड़ गया वाहन, बस या अन्य साधन से फरार
हत्या के बाद आरोपी सुरेश अपने दोनों वाहन स्कूटी और कार शहर में ही छोड़कर फरार हो गया। उसकी कार आवास विकास के समीप और स्कूटी नगर निगम कार्यालय के पास खड़ी मिली है। बताया जा रहा है कि आरोपी स्कूटी से घटनास्थल तक पहुंचा और बाद में अपने वाहन छोड़कर बस या किसी अन्य साधन से शहर से बाहर निकल गया।

मोबाइल स्विच ऑफ, केवल परिजनों से की बात
हत्या के बाद से आरोपी बेहद शातिराना तरीके से व्यवहार कर रहा है। उसने वारदात वाले दिन केवल मृतका और उसके परिजनों से ही फोन पर बातचीत की। इसके बाद उसने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। पुलिस को आशंका है कि आरोपी शहर से काफी दूर निकल चुका है। हालांकि पुलिस का दावा है कि सुरेश उनकी रडार पर है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
संपत्ति बेचकर भी नहीं मिला मकान, बढ़ा तनाव
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सुरेश ने लक्सर स्थित अपनी पैतृक संपत्ति करीब 35 लाख रुपये में बेच दी थी, ताकि वह ऋषिकेश में मकान खरीदकर प्रीति के साथ शादी के बाद रह सके। लेकिन इतने पैसे में मकान न मिलने के कारण दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इसी तनाव और अवसाद के चलते आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
परिजनों का आरोप

मृतका के परिजनों ने पुलिस को बताया कि सुरेश प्रीति से शादी करने के लिए लगातार दबाव बना रहा था, जिसके चलते उसने अपनी पत्नी को भी तलाक दे दिया था। जब प्रीति ने शादी से इनकार किया तो उसने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। परिजनों का यह भी आरोप है कि सुरेश पहले भी प्रीति के साथ मारपीट कर चुका था और एक बार उसका गला दबाने की कोशिश भी की थी, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई थी।
राजनीतिक संपर्क और सामाजिक पहचान
आरोपी सुरेश किसी संगठन से जुड़ा हुआ था और सामाजिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय रहता था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट में राज्यसभा सांसद, विधायक, पार्षद और कई अन्य नेताओं के साथ तस्वीरें मौजूद हैं, जिससे उसकी सामाजिक पहचान उजागर होती है।