उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेज़ों पर सरकार का शिकंजा, 9,600 से ज्यादा राशन कार्ड रद्द

देहरादून :उत्तराखंड सरकार ने फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिये योजनाओं का लाभ उठाने वालों पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति गलत तरीके से राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, आयुष्मान कार्ड या अन्य सरकारी पहचान-पत्र बनवाकर योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, उनकी पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसे फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने में शामिल कर्मचारियों और एजेंटों के खिलाफ भी कठोर कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं।

 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब प्रदेशभर में दस्तावेजों का सघन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत अब तक तीन जिलों से बड़ी संख्या में फर्जी राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। जिला पौड़ी में 961, बागेश्वर में 5,307 और देहरादून में 3,332 राशन कार्ड रद्द किए गए हैं। यानी केवल तीन जिलों में ही अब तक कुल 9,600 से अधिक अपात्र कार्डधारकों की पहचान की जा चुकी है, जो नियमों के विरुद्ध योजनाओं का लाभ ले रहे थे।

 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा , कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सिर्फ पात्र लोगों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि योजनाओं का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार की मंशा है कि प्रदेश में पारदर्शिता के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन हो और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगे।

 

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन के इस अभियान को और तेज किया जाएगा और आने वाले दिनों में अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज़ों की रिपोर्ट सामने आ सकती है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभियान की प्रगति की नियमित रिपोर्ट शासन को भेजें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

 

मुख्यमंत्री का मानना है कि जब तक योजनाओं के लाभार्थियों की सही पहचान नहीं होगी, तब तक जरूरतमंदों तक मदद पहुंचना मुश्किल रहेगा। सरकार का यह कदम सामाजिक न्याय की दिशा में एक मजबूत प्रयास माना जा रहा है।

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