देहरादून: सोशल मीडिया पर फर्जी महिला डॉक्टर ने पीड़िता को भावनात्मक ब्लैकमेल कर 50 लाख रूपये की ठगी को अंजाम दिया। नखली आधार कार्ड और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर के बनाए थे बैंक खाते और कुछ ही महीनों में लाखों की ठगी कर दी।
उत्तराखंड एस.टी.एफ ने बढ़े स्तर पर साइबर ठगी करने वाला गिरोह सरगना के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। ये साइबर ठग धोखाधड़ी से पीड़ितों को झांसे में लेने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता था और मैसेज के जरिए अधिक मुनाफा का लालच देकर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ नवनीत सिंह ने बताया कि जनपद देहरादून निवासी पीड़िता द्वारा दिसंबर में एक मामला दर्ज करवाया था। जहां सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर 2024 में एक महिला डॉ लेवत गिब्सन के नाम से पीड़िता को फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी, जिसने खुद को IGI एयरपोर्ट और अन्य सरकारी कर्मचारियों का प्रतिरोपण कर, अपने फर्जी खातों में मोटी धनराशि स्थानांतरित करवाकर लाभ उठाया था। जिसके बाद पीड़िता से फर्जी महिला डॉक्टर ने उसके भावनात्मक ब्लैकमेल, फर्जी दस्तावेजों, और सरकारी एजेंसियों के नाम का गलत उपयोग कर अपने फर्जी बैंक खातों में 50 लाख रूपये की धनराशि धोखाधड़ी से जमा करवाई थी। जिसकी शिकयत पीड़िता ने दर्ज करवाई थी।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए, घटना में इस्तेमाल हुए बैंक खातों, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, सर्विस प्रदाता कम्पनियों,मेटा कम्पनी से पत्राचाकर कर डेटा प्राप्त किया गया और पुलिस टीम द्वारा तकनीकी/ डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर घटना के मुख्य आरोपी ओम प्रकाश पुत्र राजकुमार निवासी राम पार्क, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश को चिह्नित करते हुए अभियुक्त की तलाश जारी करी थी, जिसे न्यू उस्मानपुर दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। तलाशी में अभियुक्त के पास से एक अदद मोबाइल बरामद हुआ है।
जांच में पाया गया कि अभियुक्त द्वारा धोखाधड़ी में प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में भेजा जाता था जो फर्जी आधारकार्ड और सिम का प्रयोग करके बनाए गए थे। अभियुक्त ने कुछ ही माह के अंदर विवेचना के दौरान लाखों का संग्धित लेन देन कर दिया था। जांच में पाया गया कि अभियुक्तगण के बैंक खाते के खिलाफ देश के अन्य राज्यों से 4 साइबर अपराधिक की शिकायतें निम्नवत दर्ज हैं। जिसके लिए अन्य पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखंड नवनीत सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि जनता किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों, फर्जी वेबसाइट,धनराशि को दुगना करने वाले प्रलोभन में न आए और साथ ही अनजान के झांसे में न आए और किसी भी प्रकार के द्वातवेज की सूचना ना दे और शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करे। वित्तीय साइबर अपराध घटित होने पर तुरंत 1930 नंबर पर स्मारक करें।