देहरादून। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। बीए पांचवें सेमेस्टर के एक छात्र की साइकोलॉजी की उत्तर पुस्तिका में किसी भी प्रश्न के सामने अंक दर्ज नहीं किए गए, इसके बावजूद विश्वविद्यालय की ओर से छात्र को 75 में से 27 अंक दे दिए गए। मामला आरटीआई के जरिए सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामला राजकीय महाविद्यालय देहरादून, सुद्धोवाला का है। छात्र ने दिसंबर में बीए पांचवें सेमेस्टर की साइकोलॉजी असेसमेंट परीक्षा दी थी। छात्र की ओर से सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया कि उसकी उत्तर पुस्तिका में किसी भी प्रश्न के सामने अंक दर्ज नहीं थे। इसके बावजूद विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में उसे 27 अंक दिए गए।
छात्र ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की। छात्र का आरोप है कि शिकायत के बाद भी अंकों से जुड़ी विसंगति दूर नहीं हुई। उसके मुताबिक अंग्रेजी विषय में उसे 56 अंक मिले थे, लेकिन रिजल्ट में 30 अंक दर्ज कर उसे फेल कर दिया गया। शिकायत के बाद इन अंकों को बढ़ाकर 36 कर दिया गया, लेकिन छात्र के अनुसार वास्तविक 56 अंक अब तक दर्ज नहीं किए गए हैं।
दोबारा जांच में मिले 50 अंक
मामला सामने आने के बाद राजकीय महाविद्यालय देहरादून, सुद्धोवाला की ओर से साइकोलॉजी की उत्तर पुस्तिका का विषय विशेषज्ञ से दोबारा मूल्यांकन कराया गया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार के अनुसार, पुनर्मूल्यांकन में छात्र को 75 में से 50 अंक मिले हैं।
इस तरह विश्वविद्यालय की ओर से दर्ज किए गए 27 अंकों और दोबारा मूल्यांकन में मिले 50 अंकों के बीच 23 अंकों का अंतर सामने आया है। इससे उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन और अंक दर्ज करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजी जाएगी। रिजल्ट में संशोधन को लेकर अंतिम निर्णय विश्वविद्यालय स्तर पर लिया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब उत्तर पुस्तिका में प्रश्नों के सामने अंक दर्ज नहीं थे तो विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में 27 अंक कैसे दर्ज किए गए? वहीं, कॉलेज के दोबारा मूल्यांकन में 50 अंक आने के बाद भी छात्र के रिजल्ट में सही अंक दर्ज करने की प्रक्रिया अब तक पूरी क्यों नहीं हुई। मामला विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने पहुंचने के बाद अब आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।