देहरादून: उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में बीते दो दिनों से वर्षा का दौर जारी है। देहरादून समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई है। मौसम विभाग का पर्वतीय क्षेत्रों को लेकर किया गया पूर्वानुमान भी सही साबित हुआ है। पंचाचुली में हिमपात हुआ है, जबकि कुमाऊं के कई जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई।
नैनीताल में मंगलवार को दिनभर बादल छाए रहे। वहीं पिथौरागढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में रात को वर्षा हुई, जबकि मंगलवार को हल्के बादलों के बीच धूप खिली रही। चंपावत में भी मौसम साफ रहा और धूप खिली हुई है। यहां न्यूनतम तापमान 16 और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
धारचूला तहसील के ताकुल गांव के मल्ला घट्टाबगड़ तोक में भारी बारिश के कारण दो मकानों को खतरा पैदा हो गया है। मूंगा देवी और कमला देवी के घर का आंगन पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। आंगन धंसने के कारण आवासीय मकान भी इसकी चपेट में आ गया है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कर राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
देहरादून में मंगलवार सुबह से रिमझिम बारिश होती रही। दोपहर बाद बारिश थम गई और शाम को धूप निकल आई। वहीं कुमाऊं के कई क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई। लगातार बारिश के बावजूद तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है।
मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर होने की आशंका है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक वर्षा और बौछारों का दौर बना रह सकता है। हालांकि, मैदानी क्षेत्रों में बुधवार से बारिश की गतिविधियां धीमी पड़ने के आसार हैं।
अल्मोड़ा में मंगलवार को आंशिक बादलों के बीच धूप खिली रही। वर्षा के बाद मलबा आने से तीन ग्रामीण सड़कें बंद हैं। जिले में न्यूनतम तापमान 18 और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है।