देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सोमवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। जारी सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 71,33,785 मतदाता शामिल किए गए हैं। हालांकि इनमें से करीब 19 लाख मतदाताओं के गणना फॉर्म में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं, जिन्हें जल्द नोटिस जारी किए जाएंगे।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत एसआईआर का पहला चरण 8 जून से 7 जुलाई तक संचालित किया गया था। इसके बाद प्राप्त आंकड़ों को संकलित कर 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि ड्राफ्ट सूची में शामिल लगभग 19 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों या विवरण में त्रुटियां मिली हैं। ऐसे सभी मतदाताओं को संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। 14 जुलाई से 11 सितंबर तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर कैंप लगाए जाएंगे। इसके अलावा मैदानी क्षेत्रों में तहसील, नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है।
निर्वाचन आयोग ने सत्यापन के लिए कई दस्तावेजों को मान्य माना है। इनमें केंद्र या राज्य सरकार तथा सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिक या अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, ओबीसी, एससी, एसटी एवं अन्य जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन पत्र सहित आयोग द्वारा निर्धारित अन्य वैध दस्तावेज शामिल हैं। आधार कार्ड के संबंध में आयोग के पूर्व जारी दिशा-निर्देश लागू रहेंगे।
निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांच लें तथा किसी भी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।