उत्तराखंड में बारिश से बिगड़े हालात, पिथौरागढ़ में 18 और बागेश्वर में 16 सड़कें बंद; टिहरी में रिंग रोड का पुश्ता क्षतिग्रस्त

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पिथौरागढ़/टिहरी गढ़वाल: मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 10 सितंबर तक मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार अगले छह दिनों तक उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश होने की संभावना है। पूर्वानुमान के बीच पिथौरागढ़ और बागेश्वर में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं टिहरी में निर्माणाधीन जाख–डोबरा रिंग रोड के तहत बनाया गया पुश्ता बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है।

 

सीमांत पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से 18 सड़कें बंद हो गई हैं। इससे कई ग्रामीण क्षेत्रों का जिला और तहसील मुख्यालयों से संपर्क प्रभावित हुआ है। सड़कें बंद होने के कारण यात्रियों के साथ मरीजों और जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

बारिश का असर चीन सीमा को जोड़ने वाले मार्गों पर भी पड़ा है। कई स्थानों पर मलबा आने के कारण घंटों यातायात बाधित रहा। लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां बंद सड़कों को खोलने के लिए लगातार काम कर रही हैं।

 

मौसम विभाग ने 5 सितंबर को भी पिथौरागढ़ में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से एहतियाती कदम उठाए गए हैं। 5 सितंबर को स्कूल बंद रहने की सूचना भी जारी की गई है। अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और अनावश्यक रूप से जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है।

 

पिथौरागढ़ में बंद मोटर मार्ग:

 

घारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग, तवाघाट-गुंजी मोटर मार्ग, ड्योरा-बारमू मोटर मार्ग, जौलजीबी-झूलाघाट मोटर मार्ग, सोबला-उमचिया मोटर मार्ग, होकरा-नामिक मोटर मार्ग, एलागाड़-जुम्मा मोटर मार्ग, घापाबैण्ड-बुई-पातों मोटर मार्ग, बांसबगड़-कोटा मोटर मार्ग, मदकोट-दारमा मोटर मार्ग, जैती-घोरपट्टा मोटर मार्ग, घट्टाबगड़ से तांकुल मोटर मार्ग, देविसौना-गराली-कूटा मोटर मार्ग, मालाकोट से लोघ मोटर मार्ग, मदकोट-बोना मोटर मार्ग, कनालीछीना-पीपली मोटर मार्ग, जाखपन्त-मनकोट-चौड़ी मोटर मार्ग और गिनीबैण्ड-समकोट मोटर मार्ग बंद हैं।

 

वहीं बागेश्वर जिले में भी लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश और भूस्खलन के कारण एनएच-109 समेत 16 मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। सड़कों पर मलबा आने से कई क्षेत्रों में यातायात बाधित हुआ है।

 

रवाईखाल क्षेत्र में सड़क बंद होने के कारण एंबुलेंस, बस और टैक्सी समेत सैकड़ों वाहन घंटों फंसे रहे। मरीज को लेकर बैजनाथ जा रही एक एंबुलेंस भी करीब डेढ़ घंटे तक जाम में फंसी रही। विभागीय कर्मचारी और मशीनें मलबा हटाकर मार्ग खोलने में जुटे हैं। लगातार बारिश को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

 

उधर, टिहरी गढ़वाल में लगातार बारिश के बीच निर्माणाधीन जाख–डोबरा रिंग रोड के तहत बनाया गया पुश्ता क्षतिग्रस्त हो गया। पहली ही बारिश में पुश्ते का हिस्सा टूटने और धंसने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुश्ता क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया गया होता तो बारिश के शुरुआती दौर में ही पुश्ते की ऐसी स्थिति नहीं बनती। लोगों ने संबंधित विभाग और निर्माण कार्यदायी संस्था से मामले का संज्ञान लेते हुए पुश्ते के निर्माण की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

 

स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि क्षतिग्रस्त हिस्से को केवल औपचारिक रूप से ठीक करने के बजाय निर्धारित मानकों के अनुसार दोबारा मजबूत तरीके से बनाया जाए। उनका कहना है कि रिंग रोड क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजना है। ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही भविष्य में सड़क की सुरक्षा और आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।

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