देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने 14 जून 2026 को आयोजित होने वाली स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपील जारी की है। आयोग ने मौसम विभाग की चेतावनियों, चारधाम यात्रा, नीम करौली बाबा के वार्षिकोत्सव और सप्ताहांत में बढ़ने वाले पर्यटक दबाव को देखते हुए परीक्षार्थियों से परीक्षा केंद्रों तक समय से पहुंचने और यात्रा की पूर्व तैयारी करने का आग्रह किया है।
आयोग के अनुसार 14 जून को राज्यभर में स्नातक स्तरीय पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ समेत कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। ऐसे में सड़क मार्गों पर बाधा और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
आयोग ने कहा है कि मौसम के अलावा राज्य में चल रही धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के कारण भी कई मार्गों पर यातायात का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रह सकता है। विशेष रूप से नैनीताल जिले में नीम करौली बाबा के वार्षिकोत्सव को देखते हुए नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
वहीं चारधाम यात्रा के चलते देहरादून, ऋषिकेश, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भी यातायात का दबाव बना हुआ है। आयोग ने आशंका जताई है कि परीक्षा वाले दिन दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा 13 और 14 जून को सप्ताहांत होने के कारण देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, मसूरी सहित अन्य पर्यटन स्थलों की ओर भी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे सड़कों पर भीड़ और जाम की स्थिति बन सकती है।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि जो परीक्षार्थी दूरस्थ क्षेत्रों से परीक्षा देने आ रहे हैं, वे परीक्षा तिथि से कम से कम एक दिन पहले अपने परीक्षा केंद्र वाले शहर में पहुंच जाएं। साथ ही परीक्षा केंद्र का पूर्व निरीक्षण भी कर लें, ताकि परीक्षा वाले दिन किसी प्रकार की असुविधा या भ्रम की स्थिति न बने।
आयोग ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए सभी जिलों के पुलिस कंट्रोल रूम और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों के संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। इनके माध्यम से परीक्षार्थी सड़क की स्थिति, मौसम, यातायात और अन्य आपात जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आयोग ने कहा है कि उसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अभ्यर्थी मौसम, यातायात या अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण परीक्षा से वंचित न रह जाए।