बागेश्वर: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामले में विजिलेंस की ट्रैप टीम ने बागेश्वर में उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के परियोजना अधिकारी को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।
चार फाइलों के लिए मांगी थी 40 हजार रुपये की रिश्वत
सतर्कता अधिष्ठान के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उरेडा कार्यालय में सोलर प्लांटों की जेआईआर (JIR) लंबे समय से लंबित है। परियोजना अधिकारी धीरेंद्र सिंह पटवाल प्रत्येक फाइल के निस्तारण के लिए 10 से 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे।
शिकायतकर्ता की चार फाइलें लंबित थीं, जिनके निस्तारण के लिए कुल 40 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान से की।
जांच के बाद बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशन में निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया।
रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ आरोपी
24 जुलाई को विजिलेंस टीम ने उरेडा बागेश्वर में तैनात परियोजना अधिकारी धीरेंद्र सिंह पटवाल, निवासी रामनगर (नैनीताल), को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वर्तमान में उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) बागेश्वर में परियोजना अधिकारी के पद पर तैनात है।
मामले की जांच जारी
विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही आरोपी की भूमिका और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
सतर्कता निदेशक वी. मुरुगेशन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है, तो इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।