हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियां तेज, फर्जी साधुओं पर होगी सख्ती, बिना पहचान पत्र और आधार के प्रवेश नहीं

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हरिद्वार : अगले साल हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले को भव्य और दिव्य बनाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि कुंभ 2027 से जुड़े सभी स्थायी और अस्थायी कार्य 31 अक्टूबर तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं।

सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कुंभ से जुड़े एक करोड़ रुपये तक की लागत वाले कार्यों को मंजूरी देने का अधिकार गढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता वाली समिति को दिया जाएगा। साथ ही जिन कार्यों के शासनादेश (GO) अभी तक जारी नहीं हुए हैं, उन्हें तुरंत जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में चंडी देवी और मनसा देवी मंदिर से जुड़े कार्यों को भी शीघ्र शुरू करने पर जोर दिया गया। मेलाधिकारी सोनिका के अनुसार, विभिन्न विभागों के कुल 33 कार्य प्रस्तावित हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 191.30 करोड़ रुपये है।

फर्जी साधुओं पर सख्त कार्रवाई

अखाड़ा परिषद ने कुंभ मेले में फर्जी साधुओं के प्रवेश को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने स्पष्ट किया कि बिना अखाड़े के आधिकारिक पहचान पत्र के किसी भी साधु को कुंभ में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सभी साधुओं के लिए आधार कार्ड रखना भी अनिवार्य होगा। बिना पहचान पत्र के भगवा वस्त्रधारी लोगों की जांच की जाएगी और फर्जी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अखाड़ा परिषद ने सभी अखाड़ों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने साधुओं को आधिकारिक पहचान पत्र जारी करें। पुलिस और प्रशासन के सहयोग से एक मजबूत सत्यापन प्रणाली भी विकसित की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या धोखाधड़ी को रोका जा सके।

महंत रविंद्रपुरी ने कहा कि कुंभ मेला सनातन परंपरा और आस्था का प्रतीक है, और फर्जी साधुओं की मौजूदगी से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं तथा आयोजन की छवि भी प्रभावित होती है। उन्होंने संत समाज से इस अभियान में सहयोग की अपील की।

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