मसूरी के मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी, फार्मासिस्ट गायब से लेकर एक्सपायर दवाइयां तक मिलीं; 3 स्टोरों में बिक्री पर रोक

देहरादून: आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को मसूरी क्षेत्र के मेडिकल स्टोरों पर संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया। ‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में कई मेडिकल स्टोरों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के बाद तीन मेडिकल स्टोरों में दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।

 

 

यह कार्रवाई उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के निर्देश पर की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में टीम ने मेडिकल स्टोरों में लाइसेंस, फार्मासिस्ट की मौजूदगी, दवाइयों के रखरखाव, एक्सपायर दवाओं के निस्तारण, नारकोटिक्स दवाओं के रिकॉर्ड, फ्रिज और तापमान व्यवस्था समेत सीसीटीवी की जांच की।

 

हैमर्स मेडिकोज में फार्मासिस्ट गायब, एक्सपायर दवाएं मिलीं

 

हैमर्स मेडिकोज में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। यहां एक्सपायर दवाइयां सामान्य दवाओं के साथ रखी हुई मिलीं। मेडिकल स्टोर में दवाओं के अलावा दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं भी बिक्री के लिए रखी गई थीं। सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं थी और रैक की साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली।

 

इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए टीम ने दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी। संचालक को नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।

 

अग्रवाल मेडिकोज में फार्मासिस्ट की गैरमौजूदगी में बिक्री

 

अग्रवाल मेडिकोज में स्टोर मालिक मौजूद था, जबकि फार्मासिस्ट अवकाश पर थी। जांच में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाइयों की बिक्री किए जाने की बात सामने आई। फ्रिज में रखी वैक्सीन निर्धारित तापमान पर नहीं मिली। एक्सपायर दवाइयां भी अन्य दवाओं के साथ रखी हुई थीं।

 

इसके अलावा कई दवाइयां कटी हुई अवस्था में मिलीं और स्टोर में साफ-सफाई का भी अभाव पाया गया। गंभीर अनियमितताओं के चलते टीम ने स्टोर बंद कराकर दवाइयों की बिक्री पर रोक लगा दी।

 

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर का फ्रिज खराब

 

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिली। एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव व्यवस्थित नहीं था और दवाओं को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फ्रिज खराब मिला। टीम ने फ्रिज बदलने के निर्देश दिए और अनियमितताओं के चलते स्टोर बंद कर दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी।

 

लाइसेंस की अवधि खत्म, रिकॉर्ड भी नहीं मिला

 

ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और संचालक मौजूद मिले, लेकिन टीम द्वारा लाइसेंस मांगे जाने पर संचालक उसे प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में लाइसेंस की अवधि समाप्त पाई गई। नवीनीकरण से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे।

 

यहां एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं। खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड भी व्यवस्थित नहीं थे और रैक में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। मानक पूरे होने तक दवाओं की बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए।

 

अन्य स्टोरों को भी दिए गए जरूरी निर्देश

 

पायनियर मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और संचालक मौजूद मिले। हालांकि एक्सपायर दवाओं का रखरखाव व्यवस्थित नहीं था। फ्रिज चालू था, लेकिन तापमान प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं मिली। संचालक ने बताया कि एक्सपायर दवाएं संबंधित कंपनी को वापस की जा चुकी हैं। नारकोटिक्स दवाओं का रिकॉर्ड भी टीम को उपलब्ध कराया गया। अधिकारियों ने आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

 

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और उनके वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। अधिकारियों ने कहा कि दवाइयों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण और वितरण से सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य का संबंध है, इसलिए नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

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