मां को खोया, पिता के लिए बनी सहारा: मेहंदी में गई नाबालिग के साथ गैंग रेप, हाथ-पैर बांधकर नग्न अव्यस्था में कमरे में छोड़ा

उत्तराखंड के चंपावत के दूरस्थ सल्ली क्षेत्र से सामने आई यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक पिता के टूटते हुए सपनों की दर्दनाक कहानी है। पीड़िता के पिता ने बताया कि शादी के बाद उन्हें लंबे समय तक संतान सुख नहीं मिला। उन्होंने वर्षों तक मन्नतें मांगीं और आखिरकार 52 वर्ष की उम्र में उन्हें एक बेटी का आशीर्वाद मिला। यही बेटी उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी बन गई। लेकिन किस्मत ने एक और बड़ा झटका तब दिया जब बच्ची महज छह महीने की थी और उसकी मां का बीमारी के चलते निधन हो गया। इसके बाद पिता ने अकेले ही बेटी को पाला-पोसा, उसे हर मुश्किल से बचाया और उसकी पढ़ाई-लिखाई का पूरा जिम्मा उठाया।

समय के साथ बेटी बड़ी हुई और कक्षा 10वीं में पढ़ाई करने लगी। इसी बीच 70 वर्षीय पिता की तबीयत बिगड़ गई और वह कमर के नीचे से चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। ऐसे में बेटी ने ही हिम्मत दिखाई और उन्हें गांव से चंपावत शहर ले आई। वहां किराए पर कमरा लेकर खुद पढ़ाई के साथ-साथ एक दुकान पर काम करने लगी, ताकि घर का खर्च और पिता का इलाज चल सके। एक बेटी, जो खुद अभी नाबालिग थी, अपने पिता के लिए सहारा बनकर खड़ी थी।

इसी बीच वह अपनी एक दोस्त की मेहंदी रस्म में शामिल होने के लिए जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर गांव गई थी। लेकिन किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह खुशी का मौका एक भयानक हादसे में बदल जाएगा।

 

आरोप है कि भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान समेत तीन लोगों—पूरन सिंह रावत, नवीन सिंह और विनोद सिंह रावत—ने मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।

 

वारदात के बाद आरोपियों ने छात्रा का मोबाइल छीन लिया, उसके साथ मारपीट की और हाथ-पैर बांधकर उसे कमरे में बंद कर दिया। पीड़िता को असहाय हालत में छोड़ दिया गया, जिससे इस घटना की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

 

सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत संयुक्त अभियान चलाया और छात्रा को एक बंद कमरे से बरामद किया, जहां वह बंधी हुई और बेहद गंभीर हालत में मिली। इस दौरान पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए।

 

पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक आरोपी पूर्व प्रधान और भाजपा मंडल उपाध्यक्ष है, दूसरा डेयरी का काम करता है, जबकि तीसरा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है।

शिकायत दर्ज कराते समय बुजुर्ग पिता बार-बार बेटी की खैरियत पूछते रहे। दर्द और बेबसी में उन्होंने कहा कि वे चलने-फिरने में असमर्थ हैं, फिर भी उन्हें एक बार आरोपियों के सामने ले जाया जाए—वह उन दरिंदों का ‘खून पीना चाहते हैं’, तभी उन्हें सुकून मिलेगा।”

 

 

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