देहरादून: उत्तराखंड परिवहन निगम ने कांवड़ मेले के दौरान यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। निगम ने तय किया है कि देहरादून से दिल्ली जाने वाली सभी रोडवेज बसों का संचालन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से किया जाएगा। इससे यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और दिल्ली की यात्रा करीब साढ़े तीन घंटे में पूरी हो सकेगी। इसके साथ ही आगामी दीपावली सीजन को देखते हुए निगम अपने बेड़े में 28 नई एसी और वॉल्वो बसें भी शामिल करने की तैयारी कर रहा है।
फिलहाल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर केवल एसी और वॉल्वो बसों का संचालन किया जा रहा है, जबकि साधारण बसें पुराने मार्ग से बिहारीगढ़, छुटमलपुर, रुड़की, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर, मेरठ और मोहन नगर होते हुए दिल्ली पहुंचती हैं। कांवड़ मेले के दौरान अब साधारण बसों को भी एक्सप्रेसवे से संचालित किया जाएगा, जिससे यात्रियों को लंबी जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
हालांकि, इस निर्णय से परिवहन निगम को राजस्व का नुकसान होने की संभावना है। पुराने मार्ग पर बसों को विभिन्न स्टॉपेज से अतिरिक्त यात्री मिलते हैं, जिससे आय बढ़ती है। वहीं एक्सप्रेसवे पर बीच में कोई स्टॉपेज नहीं होने के कारण निगम को अतिरिक्त राजस्व नहीं मिलेगा। इसके बावजूद निगम ने यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।
वर्तमान में उत्तराखंड परिवहन निगम देहरादून से दिल्ली के लिए प्रतिदिन करीब 95 बसों का संचालन कर रहा है, जिनमें साधारण, एसी और वॉल्वो बसें शामिल हैं।
त्योहारी सीजन की बढ़ती मांग को देखते हुए निगम ने अपने बेड़े के विस्तार की भी तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में निगम अनुबंध के आधार पर 26 एसी और वॉल्वो बसों का संचालन कर रहा है, जिनका अनुबंध अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है। इसके बाद नवंबर से 28 नई एसी और वॉल्वो बसों को भी अनुबंध के आधार पर बेड़े में शामिल किया जाएगा।
उत्तराखंड परिवहन निगम के महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान सभी बसों को एक्सप्रेसवे से संचालित करने का निर्णय यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि दीपावली और अन्य त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि होती है, इसलिए 28 नई बीएस-6 मॉडल एसी और वॉल्वो बसों को बेड़े में शामिल करने की योजना बनाई गई है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।