हरिद्वार: हरिद्वार जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है।जहां महिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला को भर्ती करने से मना कर दिया गया। आरोप है कि गरीब होने की वजह से न सिर्फ महिला को बेड नहीं दिया गया, बल्कि स्टाफ ने भी मदद करने से मना कर दिया। मजबूरन महिला ने फर्श पर ही बच्चे को जन्म दिया। इस पूरे मामले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
ये मामला हरिद्वार के महिला अस्पताल का है। जहां गरीब गर्भवती महिला को भर्ती करने से मना कर दिया गया जिसके बाद महिला ने फर्श पर ही बच्चे को जन्म दिया।
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर्स और नर्सों ने अमानवीय व्यवहार किया। परिजन सोनी ने बताया कि जब वे सुबह अस्पताल पहुंचे तो महिला ने उन्हें बताया कि स्टाफ ने बेड पर लिटाने तक से इनकार कर दिया था। डिलीवरी के बाद स्टाफ ने अपमानजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि “और बच्चे पैदा करेगी?” –क्या कोई ऐसी बात बोलता है?।
परिवार का कहना है कि अगर डिलीवरी के दौरान कोई अनहोनी हो जाती तो मां और बच्चे की जान खतरे में पड़ सकती थी। फिलहाल महिला और नवजात सुरक्षित हैं। महिला ने एक लड़की को जन्म दिया है।
इस पूरे मामले पर सीएमओ आरके सिंह ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि महिला को रात करीब 9:30 बजे एडमिट किया गया था और डिलीवरी रात 1:30 बजे हुई। सीएमओ ने कहा कि वीडियो की सत्यता पर संदेह है,कोई भी ऐसी सूचना जो मेरे पास आई है, गायनेकोलॉजिस्ट से बात हुई है, उसमें ऐसा कुछ नहीं बताते गया है। मामले की जांच की जा रही है और अगर कोई दोषी होगा तो कारवाही की जाएगी। लेकिन अगर किसी कर्मचारी की लापरवाही साबित हुई तो कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल ये है कि जिन डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है, वही अगर मरीजों से मुंह मोड़ लें तो भरोसा आखिर किस पर किया जाए?