उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार एक बार फिर एक ऐसे अवसर की साक्षी बनने जा रही है, जहां आस्था, विकास और राजनीति का संगम दिखाई देगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार पहुंचेंगे और राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित “जन-जन की सरकार, बेमिसाल 4 साल” कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह आयोजन केवल एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, बल्कि उत्तराखंड में हुए विकास कार्यों और प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच भी होगा।
हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में अमित शाह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पिछले चार वर्षों के दौरान प्रदेश में किए गए विकास कार्यों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इस प्रदर्शनी में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने, सड़कों और संपर्क मार्गों के विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश को बढ़ावा देने, पर्यटन विकास तथा धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को प्रमुखता से दर्शाया जाएगा।
इसके साथ ही सीमांत क्षेत्रों के विकास और आम नागरिकों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए उठाए गए कदमों को भी प्रदर्शनी में विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। विभिन्न विभागों द्वारा तैयार मॉडल, चित्र और जानकारीपूर्ण पैनलों के माध्यम से यह बताया जाएगा कि किस प्रकार उत्तराखंड ने विकास और सुशासन की दिशा में नई गति हासिल की है।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) से भी जुड़ा रहेगा। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पांच लोगों को भारत की नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपेंगे। प्रमाण पत्र मिलने के बाद ये सभी व्यक्ति औपचारिक रूप से भारत के नागरिक बन जाएंगे। जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार इन पांचों व्यक्तियों के नाम पहले ही राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं। इसे सीएए के क्रियान्वयन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इसी क्रम में 7 से 9 मार्च तक बैरागी कैंप में “न्याय संहिता” विषय पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। इस प्रदर्शनी के माध्यम से नए आपराधिक कानून—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—के बारे में आमजन को जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और प्रभावी बनाना है।
भाजपा का दावा है कि इस कार्यक्रम में लगभग डेढ़ लाख लोगों की भागीदारी होने की संभावना है, जिससे यह आयोजन एक बड़े जनसमागम का रूप ले सकता है।
यह कार्यक्रम केवल चार वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि उत्तराखंड में विकास की दिशा और उभरते नेतृत्व का संदेश भी है। धर्मनगरी हरिद्वार से उठने वाली यह आवाज आस्था के साथ-साथ उस विश्वास को भी दर्शाएगी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और जनसेवा की दिशा में नई पहचान बना रहा है।