देहरादून: देहरादून में जिला प्रशासन की संवेदनशीलता का एक दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है। आर्थिक संकट से जूझ रहीं दो बहनों चित्रा कालरा और उसकी छोटी बहन हेतलकी मदद कर DM सविन बंसल ने साबित कर दिया कि प्रशासन यदि दिल से काम करे तो किसी की पूरी ज़िंदगी बदल सकती है।
पिता के निधन के बाद dm बने सहारा
जानकारी के अनुसार बहनों के पिता के निधन के बाद दोनों बहनें परिवार चलाने और पढ़ाई के बीच संघर्ष कर रही थीं। चित्रा की बी कॉम ऑनर्स की पढ़ाई फीस न होने के कारण रुकने वाली थी। इतना ही नहीं, बैंक द्वारा पिता के ऋण की किस्तें जमा न होने पर बहने घर खाली कराने की तैयारी भी शुरू करने वाली थी।तभी मजबूरी में दोनों बहनें मदद की उम्मीद लेकर डीएम कार्यालय पहुँचीं।
Dm ने तुरंत लिया एक्शन
दोनों बहनों की बातें सुनकर DM सविन बंसल ने बिना देर किए आदेश जारी किए और चित्रा का उसी दिन देहरादून के एक प्रतिष्ठित निजी कॉलेज में दाखिला करवाया।साथ ही जिला प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन मिलकर चित्रा की पूरी पढ़ाई,किताबें,परिवहन/आवाजाही का खर्च उठाएंगे।
ऋण माफी पर भी तेजी से कार्रवाईबहनों ने पिता के बकाया ऋण की माफी का अनुरोध भी किया था। इस पर DM ने एसडीएम न्याय और एलडीएम को तुरंत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि जल्द से जल्द समाधान निकाला जा सके और परिवार पर आर्थिक बोझ कम हो।
लोगों में बड़ा भरोसा
DM सविन बंसल की इस त्वरित और मानवीय शैली की शहर में खूब चर्चा है। प्रशासन की यह पहल दिखाती है कि जब अधिकारी संवेदना के साथ काम करें तो सरकारी दफ्तर केवल औपचारिकताएँ नहीं, बल्कि लोगों की उम्मीदों का सहारा भी बन सकते हैं।
देहरादून जिला प्रशासन का यह कदम फिर साबित करता है कि सही निर्णय और समय पर हस्तक्षेप किसी की पूरी ज़िंदगी बदल सकता है।