हरिद्वार। चारधाम यात्रा को लेकर परिवहन विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यात्रा पर जाने वाले कॉमर्शियल वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड सोमवार से बनाए जाने शुरू हो जाएंगे। हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित आरटीओ कार्यालय में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा इसका औपचारिक शुभारंभ करेंगे।
तीन स्थानों पर ग्रीन कार्ड की सुविधा
यात्रियों और वाहन चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने शुरुआती चरण में तीन स्थानों पर ग्रीन कार्ड केंद्र स्थापित किए हैं। इनमें हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित आरटीओ कार्यालय, ऋषिकेश और नारसन बॉर्डर शामिल हैं। इन केंद्रों पर सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद ही ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा।
दस्तावेजों की होगी सख्त जांच
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ग्रीन कार्ड जारी करने से पहले वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, परमिट और चालक के लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। बिना ग्रीन कार्ड के किसी भी कॉमर्शियल वाहन को यात्रा मार्ग पर संचालित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इस वर्ष 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारियां की हैं।
केदारनाथ यात्रा से पहले बर्फ हटाने का कार्य जारी
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल से श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। खराब मौसम के बीच लोक निर्माण विभाग और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें पैदल मार्ग से बर्फ हटाने के कार्य में जुटी हुई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मार्ग को समय से सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पर्यटन सीजन में बढ़ेगी गैस की मांग
चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के चलते देहरादून में पहले से चल रही गैस आपूर्ति की समस्या और गहराने की आशंका है। गर्मी शुरू होते ही मसूरी, ऋषिकेश, सहस्रधारा और चकराता जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो गई है।
इन क्षेत्रों के होटल, होम-स्टे और ढाबों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के साथ-साथ घरेलू गैस की मांग भी बढ़ रही है। ऋषिकेश और चकराता जैसे क्षेत्रों में यात्रियों के पड़ाव के कारण गैस की खपत सामान्य दिनों की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है।
ऐसे में आने वाले दो महीने गैस एजेंसियों और संबंधित विभागों के लिए आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।