चमोली: बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा और दान राशि में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ज्योतिर्मठ ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी के साथ बदरीनाथ मंदिर के सिंह द्वार के बाहर मौन व्रत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। इससे पहले सोमवार को जोशीमठ में भी विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
मौन व्रत कर निष्पक्ष जांच की मांग
करीब एक घंटे तक चले मौन व्रत के दौरान विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन संस्कृति से जुड़ा है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक या एसआईटी जांच कराने की मांग की।
सरकार और मंदिर समिति पर लगाए आरोप
कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कथित चढ़ावा घोटाले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
चार सदस्यीय समिति कर रही जांच
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है। साथ ही गणना प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
भैरव सेना ने लगाए थे गंभीर आरोप
भैरव सेना नामक संगठन ने BKTC के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों पर चढ़ावे की राशि में आर्थिक हेराफेरी के आरोप लगाए थे। आरोपों के सामने आने के बाद समिति ने आंतरिक जांच शुरू की है।
BKTC अध्यक्ष को हटाने की मांग
विरोध प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को पद से हटाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहे और भविष्य में इस तरह के विवाद दोबारा सामने न आएं।