देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों को दोबारा शामिल करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। निर्वाचन आयोग की ओर से ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान और पुनः नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसी बीच कांग्रेस ने कहा है कि अब उसकी नजर मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर रहेगी।
कांग्रेस का विशेष फोकस करीब 75 हजार ऐसे मतदाताओं पर है, जिन्हें दोबारा मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर दिए जाने की बात कही जा रही है। पार्टी का कहना है कि उसके कार्यकर्ता और नेता इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे, ताकि पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाएं।
SIR की प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस लगातार मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाती रही है। पार्टी की ओर से अलग-अलग स्तर पर आपत्तियां भी दर्ज कराई गई थीं। कांग्रेस का आरोप था कि पुनरीक्षण के दौरान ऐसे पात्र मतदाताओं के नाम भी हट सकते हैं, जो वास्तव में मतदान के योग्य हैं।
अब अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद निर्वाचन आयोग उन लोगों की दोबारा पहचान और नामांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है, जो पहले सूची में शामिल थे लेकिन नई सूची में नहीं हैं। आयोग की ओर से ऐसे मतदाताओं को पात्रता साबित करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा नाम दर्ज कराने का अवसर दिया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी ने पूरी SIR प्रक्रिया पर नजर रखी है और अब विशेष रूप से उन मतदाताओं पर ध्यान दिया जाएगा, जिन्हें दोबारा सूची में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
कांग्रेस का कहना है कि उसका विरोध सभी हटाए गए नामों को लेकर नहीं है। पार्टी के अनुसार मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाया जाना प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन जिन पात्र मतदाताओं के नाम दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाने, अनुपस्थित रहने या अन्य कारणों से सूची में शामिल नहीं हो पाए, उन्हें दोबारा अवसर मिलना चाहिए।
पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से इस प्रक्रिया पर नजर रखने को कहा है। कांग्रेस को आशंका है कि दोबारा नाम जोड़ने की प्रक्रिया में कहीं अपात्र लोगों के नाम शामिल न हो जाएं। इसी वजह से पार्टी अब नाम हटाने के साथ-साथ नाम जोड़ने की प्रक्रिया की भी निगरानी करने की बात कह रही है।
उत्तराखंड में SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची में 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। SIR शुरू होने के समय यह संख्या 79,60,762 थी। निर्वाचन आयोग ने अंतिम सूची जारी होने के बाद छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।