देहरादून: उत्तराखंड चारधाम यात्रा के दूसरे चरण के तहत हेली सेवाओं का संचालन 15 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए 15 से 30 सितंबर तक की हेली टिकटों की बुकिंग 7 सितंबर को पूरी हो चुकी है। वहीं, 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक की हेली टिकटों की बुकिंग 22 सितंबर को सुबह 11 बजे से शुरू होगी। हालांकि, मानसून सीजन की पूरी तरह विदाई नहीं होने के कारण हेली यात्रा की सुरक्षा को देखते हुए मौसम के आधार पर ही हेलीकॉप्टर संचालन की अनुमति दी जाएगी।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि केदारनाथ धाम के लिए हेली शटल सेवा 15 सितंबर से शुरू होगी। इसके साथ ही चारधाम के लिए चार्टर सेवा और हेमकुंड साहिब के लिए हेली सेवा भी 15 सितंबर से शुरू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में 15 सितंबर से 30 सितंबर तक की हेली टिकटों की बुकिंग 7 सितंबर को पूरी हो चुकी है। अब दूसरे चरण के तहत 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक की यात्रा के लिए टिकटों की बुकिंग 22 सितंबर को सुबह 11 बजे से शुरू होगी। श्रद्धालु आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से टिकट बुक कर सकेंगे।
प्रतीक जैन के अनुसार, अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को हेली सेवाओं का लाभ मिल सके, इसके लिए टिकट बुकिंग प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से खोली जा रही है। 15-15 दिन की अवधि के लिए बुकिंग खोली जाएगी, ताकि पूरे यात्रा सीजन की टिकट एक साथ बुक न हों और श्रद्धालुओं को टिकट बुक करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
उन्होंने बताया कि कुछ टिकट काउंटर टिकट के रूप में अंतिम समय के लिए रखे जाते हैं। इनका इस्तेमाल भी मौसम की स्थिति अनुकूल होने पर ही किया जाता है।
हेली सेवा के संचालन और सुरक्षा को लेकर प्रतीक जैन ने बताया कि उत्तराखंड से मानसून की अभी पूरी तरह विदाई नहीं हुई है। हालांकि 15 सितंबर के आसपास मानसून धीरे-धीरे वापस होने लगता है, लेकिन फिलहाल कई स्थानों पर क्लाउड कवर अधिक है। इसे देखते हुए हेली यात्रा की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके लिए मौसम विभाग के साथ समन्वय बनाया जा रहा है। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में वेदर ऑब्जरवेशन सिस्टम भी लगाया गया है। मौसम की स्थिति का आकलन करने के बाद ही हेली सेवा संचालकों को उड़ान की अनुमति दी जाएगी।
प्रतीक जैन ने बताया कि मानसून अंतिम चरण में होने के कारण अगले करीब एक सप्ताह तक हेली संचालन में देरी हो सकती है। हालांकि, मौसम की स्थिति अनुकूल होने के बाद हेली सेवाओं का संचालन सुचारू रूप से होने की उम्मीद है।