हरिद्वार: कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में अतिक्रमण चिह्नित करने पहुंची लोक निर्माण विभाग की टीम के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने सरकारी टीम पर ईंट-पत्थरों और जूतों से हमला किया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों से अभद्रता करने के साथ सरकारी दस्तावेज और मोबाइल छीनने का भी प्रयास किया गया। मामले में लोनिवि अधिकारी की तहरीर पर कनखल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
लोनिवि के अपर सहायक अभियंता डॉ. चंद्र लाल भारती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 अगस्त को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर टीम एनएच-58 पर आईरिस सेतु से बैरागी कैंप विश्व कल्याण मोटर मार्ग तक अतिक्रमण का चिह्नांकन करने पहुंची थी। टीम में खंड अमीन मैनपाल सिंह, सपना रतूड़ी, चालक वीरेंद्र और विभागीय मेट अमरनाथ शामिल थे।
शिकायत के अनुसार, टीम अतिक्रमण चिह्नित करने का काम कर रही थी, तभी इंद्रा क्षेत्र के संजीव, रंजीत, राकेश पुत्र ओमपाल समेत अन्य महिला-पुरुष और उनके रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने टीम के साथ मारपीट शुरू कर दी। डॉ. चंद्र लाल भारती के साथ ईंट, पत्थर और जूतों से मारपीट की गई। सरकारी डायरी, पत्रावली और मोबाइल छीनने का भी प्रयास किए जाने का आरोप है।
मौके पर मौजूद खंड अमीन सपना रतूड़ी ने कथित मारपीट का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। विभाग की ओर से यह वीडियो पुलिस को भी उपलब्ध कराया गया है। वीडियो में कुछ लोग टीम के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
कनखल थाने के एसएचओ देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
इधर, सरकारी टीम के साथ मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लोनिवि कर्मचारियों में नाराजगी है। मंगलवार को विभागीय कर्मचारियों ने कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करते हुए कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ और मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ ने भी कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी कार्य के दौरान अभियंताओं और कर्मचारियों के साथ मारपीट और अभिलेख छीनने की घटना गंभीर है। मुकदमा दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना है। खंड अध्यक्ष प्रतीक अग्रवाल ने कहा कि सरकारी काम के दौरान अभियंताओं और कर्मचारियों के साथ मारपीट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिव जयेंद्र बरवाण ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर कार्य बहिष्कार किया गया है।
वहीं, कनखल की इंद्रा बस्ती में हुए विवाद के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता भी स्थानीय लोगों के समर्थन में कनखल थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की मांग रखी। पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।