एक नंबर की दो कारें! रुद्रपुर ARTO ऑफिस में मचा हड़कंप, चेसिस नंबर भी निकला एक

रुद्रपुर: रुद्रपुर के एआरटीओ कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर वाली दो स्विफ्ट डिजायर कारें आमने-सामने पहुंच गईं। हैरानी की बात यह रही कि दोनों वाहनों का चेसिस नंबर भी हूबहू एक पाया गया। मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने दोनों वाहनों को जांच के दायरे में लेते हुए तकनीकी जांच शुरू कर दी है।

 

जानकारी के मुताबिक, हरिद्वार के ज्वालापुर निवासी सहदेव कुमार पाल की स्विफ्ट डिजायर कार का रजिस्ट्रेशन नंबर UK-06 AN-0807 है। वह वाहन का बीमा नवीनीकरण कराने एआरटीओ कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि इसी नंबर से दूसरी कार का बीमा भी किसी अन्य व्यक्ति के नाम चल रहा है।

 

मामले की शिकायत के बाद परिवहन विभाग ने रिकॉर्ड खंगाला तो इसी रजिस्ट्रेशन नंबर की दूसरी स्विफ्ट डिजायर नैनीताल जिले के कालाढूंगी निवासी नीरज कुमार के नाम दर्ज मिली। इसके बाद दोनों वाहन मालिकों को उनकी-अपनी कारों के साथ एआरटीओ कार्यालय बुलाया गया।

 

आमने-सामने आईं दोनों कारें

 

दोनों कारों को जब अधिकारियों के सामने खड़ा किया गया तो मामला और पेचीदा हो गया। दोनों वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर एक था और तकनीकी जांच में चेसिस नंबर भी समान पाया गया। अब परिवहन विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर एक ही नंबर और चेसिस वाली दो कारें सड़क पर कैसे दौड़ रही थीं।

 

आधार कार्ड के दस्तावेजों में भी मिली समानता

 

जांच के दौरान दस्तावेजों में भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। नीरज कुमार ने बताया कि उन्होंने कार केलाखेड़ा के एक डीलर के माध्यम से खरीदी थी। डीलर द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में सहदेव कुमार पाल का आधार कार्ड सामने आया।

 

हालांकि आधार नंबर सहदेव कुमार के नाम का था, लेकिन दस्तावेज पर लगी फोटो और जन्मतिथि अलग-अलग मिली। इससे दस्तावेजों के संभावित गलत इस्तेमाल की आशंका भी गहरा गई है।

 

पुराने रिकॉर्ड और डीलर की भूमिका की जांच

 

परिवहन विभाग के अनुसार, वाहन पहले रुद्रपुर निवासी एक चिकित्सक के नाम पर पंजीकृत था। इसके बाद वाहन के अलग-अलग लोगों के नाम ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई है। अब विभाग पुराने रिकॉर्ड, वाहन ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित डीलर की भूमिका की भी जांच कर रहा है।

 

मारुति की तकनीकी रिपोर्ट से खुलेगा राज

 

दोनों वाहनों की स्थानीय मारुति एजेंसी की तकनीकी टीम से भी जांच कराई जा रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि दोनों में से वास्तविक वाहन कौन सा है और दूसरे वाहन के चेसिस नंबर में कहीं छेड़छाड़ तो नहीं की गई है।

 

एआरटीओ प्रशासन मोहित कोठारी ने बताया कि दोनों वाहनों की जांच कराई जा रही है। एक वाहन की पहचान सही पाए जाने की दिशा में जानकारी मिली है, जबकि दूसरे वाहन के चेसिस नंबर की विस्तृत तकनीकी जांच जरूरी है। मारुति कंपनी की रिपोर्ट और पुराने दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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