पिथौरागढ़: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच की स्थानीय व्यवस्था बंद होने से वाहन स्वामियों और चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस के लिए वाहन मालिकों को करीब 150 किलोमीटर दूर टनकपुर या लगभग 200 किलोमीटर दूर हल्द्वानी स्थित ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन जाना होगा।
दरअसल, शासन के निर्देशों के अनुसार कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस अब केवल ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) में ही कराई जाएगी। पिथौरागढ़ में यह स्टेशन अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में पहले एआरटीओ कार्यालय में अस्थायी रूप से फिटनेस जांच की सुविधा दी जा रही थी, जिसे अब बंद कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, चंडाक में लगभग 10.11 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का निर्माण दो वर्ष पहले शुरू हुआ था, लेकिन अब तक यह पूरी तरह संचालित नहीं हो सका है। स्टेशन तैयार न होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर फिटनेस जांच बंद होने से जिले के करीब पांच हजार कॉमर्शियल वाहन प्रभावित हो रहे हैं।
टैक्सी यूनियन ने इस फैसले का विरोध करते हुए सरकार से स्थानीय स्तर पर पहले की तरह फिटनेस जांच की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। टैक्सी यूनियन के जिलाध्यक्ष नवल किशोर ने कहा कि जब तक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पूरी तरह चालू नहीं हो जाता, तब तक एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस जांच जारी रहनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर यूनियन आंदोलन करेगी।
वहीं, मुनस्यारी, धारचूला, बेरीनाग और डीडीहाट जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के वाहन चालकों का कहना है कि फिटनेस के लिए लंबी दूरी तय करने से समय और ईंधन दोनों का अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा। पूर्व दर्जा मंत्री एवं कांग्रेस नेता खजान गुड्डू ने भी इस व्यवस्था को सीमांत जिले की उपेक्षा बताते हुए कहा कि जल्द समाधान नहीं निकला तो कांग्रेस टैक्सी चालकों के साथ आंदोलन करेगी।
इस संबंध में एआरटीओ अभिनव गहतोड़ी ने बताया कि शासन स्तर से एआरटीओ कार्यालय में कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच की व्यवस्था बंद की गई है। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का कार्य अंतिम चरण में है। इसके शुरू होने के बाद वाहन स्वामियों को इस समस्या से राहत मिल जाएगी।