जून में जनवरी जैसा एहसास! उत्तराखंड में बारिश से बढ़ी ठंड, तीन दिन तक आंधी-ओलावृष्टि का अलर्ट

उत्तराखंड मौसम अपडेट: उत्तराखंड में जून के महीने में मौसम ने अप्रत्याशित करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को जनवरी जैसी ठंड का एहसास हो रहा है। राजधानी देहरादून और मसूरी समेत कई क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।

 

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शुक्रवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पिछले 24 घंटों में देहरादून में 27 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश और सर्द हवाओं के चलते दिन और रात के तापमान में असामान्य बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे मौसम पूरी तरह अस्थिर बना हुआ है।

 

तीन दिन तक बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

 

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 5 से 7 जून तक उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई है। देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

 

दिन में धूप, शाम को ठंड का एहसास

 

प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। सुबह चटख धूप निकलने के बाद दोपहर में अचानक बादल छा रहे हैं और शाम होते-होते तेज बारिश शुरू हो जा रही है। बारिश के बाद चल रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। हालात ऐसे हैं कि जून के महीने में भी लोगों को हल्के गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

 

बारिश से सरकारी कार्यालयों में जलभराव

 

लगातार हो रही बारिश से देहरादून के सहस्रधारा रोड स्थित ग्राम्य विकास विभाग परिसर में जलभराव और मलबा भरने की समस्या फिर सामने आई है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है। सिंचाई विभाग का नाला कचरे से भरा होने के कारण बारिश का पानी परिसर में घुस जाता है, जिससे कार्यालयी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

 

किसानों की बढ़ी चिंता

 

अनियमित बारिश और ओलावृष्टि का असर खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि फसलें पकने के समय हो रही बारिश से नुकसान का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि बारिश सामान्य मौसम चक्र के अनुसार होती तो फसलों के लिए लाभकारी होती, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां नुकसान पहुंचा सकती हैं।

 

मई की गर्मी से जून की ठंड तक

 

मई के अंतिम सप्ताह में देहरादून का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। 26 मई को अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसके बाद मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिला और जून के पहले सप्ताह में तापमान गिरकर 29.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के संयुक्त प्रभाव के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

 

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और तेज हवाओं को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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