देहरादून: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड प्रवास के अंतिम दिन शनिवार को धार्मिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। सुबह गढ़ी कैंट स्थित टपकेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद वह बूथ समिति की बैठक करेंगे और फिर विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए टपकेश्वर मंदिर परिसर में कार्यकर्ता सुबह से ही जुटने लगे हैं। मंदिर दर्शन के बाद नितिन नवीन सुबह 9:30 बजे बूथ समिति की बैठक में भाग लेंगे। इसके बाद वह शिगनीवाला स्थित शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित प्रबुद्ध गोष्ठी कार्यक्रम में शामिल होकर विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद करेंगे।
दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में भी राष्ट्रीय अध्यक्ष हिस्सा लेंगे, जहां युवाओं के साथ संगठन, विकास और भविष्य की राजनीति को लेकर चर्चा की जाएगी।
इससे पहले प्रवास के दूसरे दिन नितिन नवीन ने सांसदों, विधायकों, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मैराथन बैठकें कीं। बैठकों में उन्होंने संगठन की मजबूती, अनुशासन और एकजुटता पर जोर देते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत की हैट्रिक लगानी है।
राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित बैठकों के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रत्येक विधानसभा और बूथ स्तर की जमीनी रिपोर्ट के साथ पहुंचे थे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की बात सुनी और संगठन से जुड़े मुद्दों पर फीडबैक लिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के आंतरिक विषय सार्वजनिक मंचों या सोशल मीडिया पर नहीं जाने चाहिए।
बैठक में नितिन नवीन ने विधायकों को क्षेत्र में सक्रिय रहने और जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने संगठनात्मक अनुशासन को चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया।
23 हारी हुई सीटों पर विशेष फोकस
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार वाली 23 सीटों पर विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सीटों पर जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों की होगी। साथ ही संगठन की ओर से पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की भी तैनाती की जाएगी।
इन सीटों में यमुनोत्री, बदरीनाथ, प्रतापनगर, चकराता, ज्वालापुर, भगवानपुर, झबरेड़ा, पिरान कलियर, खानपुर, मंगलौर, लक्सर, हरिद्वार ग्रामीण, धारचूला, पिथौरागढ़, द्वाराहाट, अल्मोड़ा, लोहाघाट, हल्द्वानी, जसपुर, बाजपुर, किच्छा, नानकमत्ता और खटीमा विधानसभा सीटें शामिल हैं।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत कर और जनता के बीच सीधा संवाद बढ़ाकर 2027 के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।