चमोली/टिहरी: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं बढ़ गई हैं। रविवार सुबह कर्णप्रयाग के सुभाषनगर में भारी बारिश के बीच पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक दरक गया। देखते ही देखते बड़े-बड़े बोल्डर और पेड़ सड़क पर आ गिरे। मलबे की चपेट में आने से कई स्कूटी और मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गईं।
भूस्खलन के दौरान सड़क किनारे दुकान चला रहा एक व्यक्ति भी इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। उसने समय रहते मौके से भागकर अपनी जान बचाई। पहाड़ी से अचानक मलबा और पत्थर गिरने के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लगातार पत्थर गिरने के कारण लोगों ने मौके से दूरी बना ली।
हादसे के बाद सिमली-ग्वालदम मोटर मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। मलबे की चपेट में आने से एक मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। हालांकि, घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया। भारी मात्रा में मलबा आने के कारण मार्ग को पूरी तरह सुचारू करने में समय लगने की संभावना है।
उधर, टिहरी जिले में भी लगातार तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित है। ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-94 पर जगह-जगह मलबा आने और सड़क क्षतिग्रस्त होने से यातायात बाधित हो गया है। सड़क खोलने में कई घंटे लगने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। बारिश के बीच वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आगराखाल के पास भी बड़ा हादसा होने से टल गया। ब्रेक फेल होने के कारण सीमेंट से भरा एक ट्रक सड़क किनारे पलट गया। ट्रक खाई में जाने से बाल-बाल बचा और क्रॉस बैरियर पर अटक गया। हादसे में चालक की भी जान बच गई। बताया गया कि ट्रक हरिद्वार के भगवानपुर से उत्तरकाशी जा रहा था।
लगातार बारिश के कारण जिले में कई स्थानों पर सड़क पर मलबा आने और सड़क टूटने से आवाजाही प्रभावित है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें सड़कों को खोलने में जुटी हैं, लेकिन बारिश जारी रहने से चुनौती बनी हुई है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान केवल अति आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। अनावश्यक रूप से बरसात के दौरान सफर करने से बचें और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही घर से निकलें।