देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में राज्य के प्रशासनिक, वन, पर्यटन, कर व्यवस्था, सहकारिता, पेयजल और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली, 2026, ईको टूरिज्म के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन, उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 समेत कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई।
वन विकास निगम की सेवा नियमावली में संशोधन
कैबिनेट ने उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत उत्तराखंड वन विकास निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवा शर्तों, योग्यता, भर्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया जाएगा। वन विकास निगम राज्य में वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, लकड़ी एवं अन्य वनोपज के निष्पादन से जुड़े कार्य करता है।
ईको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में ईको टूरिज्म गतिविधियों को गति देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में संशोधन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति के माध्यम से जबरखेत मॉडल की तर्ज पर नए ईको टूरिज्म हब विकसित करने की योजना है।
इसके साथ ही राज्य में एकीकृत ट्रेकिंग और पर्वतारोहण नीति तैयार करने पर भी काम किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पर्यटन के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाना है।
GST संशोधन अध्यादेश को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को प्रख्यापित करने की मंजूरी दी है। यह संशोधन केंद्र सरकार के GST कानून में हुए बदलावों के अनुरूप राज्य में व्यवस्था को लागू करने और राजस्व सुरक्षा को मजबूत करने से जुड़ा है।
बंगाली मूल के अनुसूचित जातियों के सहायता कोष में बदलाव
‘बंगाली मूल के अनुसूचित जातियों के लिए सहायता कोष नियमावली, 2006’ में भी संशोधन को मंजूरी दी गई है। नियम-3 में बदलाव के तहत सहायता कोष की संचालन समिति में उपाध्यक्ष और सदस्य के पद पर बंगाली अनुसूचित जाति समुदाय से ही नामित किए जाने का प्रावधान किया गया है।
सहकारी समिति नियमावली में संशोधन
उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली, 2004 के नियम 473 के उपनियम-1 के खंड (ग) में कुष्ठ रोग से संबंधित प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
जल जीवन मिशन के तहत नई व्यवस्था
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग और हस्तांतरण के लिए प्रोटोकॉल को मंजूरी दे दी गई है।
औद्योगिक संबंध नियमावली 2026 को हरी झंडी
कैबिनेट ने उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026 को भी मंजूरी प्रदान की है। यह केंद्र की औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के अनुरूप राज्य में श्रम और औद्योगिक संबंधों से जुड़ी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम है। इसका उद्देश्य औद्योगिक विवादों के समाधान और कामगारों से जुड़े प्रावधानों को अधिक व्यवस्थित और सरल बनाना है।
कैबिनेट के इन फैसलों से वन प्रबंधन, ईको टूरिज्म, औद्योगिक संबंध, ग्रामीण पेयजल और कर व्यवस्था समेत कई क्षेत्रों में प्रशासनिक एवं नीतिगत बदलाव का रास्ता साफ हुआ है।