देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी दी है। लंबे समय से समान कार्य-समान वेतन की मांग कर रहे इन कर्मचारियों की प्रमुख मांग मान ली गई है। अब 12 वर्ष या उससे अधिक निरंतर सेवा पूरी कर चुके उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
यह फैसला मंगलवार देर शाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया। सरकार ने कहा है कि तीन दिनों के भीतर शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। इसी आश्वासन के बाद हड़ताल कर रहे हजारों उपनल कर्मियों ने फिलहाल हड़ताल स्थगित कर दी है।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद लिया गया निर्णय
सैनिक कल्याण विभाग के सचिव दीपेंद्र चौधरी की ओर से बताया गया कि यह कदम उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में उठाया गया है।राज्य के सभी विभागों और सरकारी संस्थाओं में उपनल के माध्यम से कार्यरत वे कर्मचारी, जिनकी निरंतर सेवा 12 साल या उससे अधिक हो चुकी है, उन्हें इस फैसले का लाभ मिलेगा।लंबी मंत्रणा के बाद कर्मचारी संगठनों की मांगों पर सहमति बनी।
कर्मचारी बोले कि शासनादेश के बाद ड्यूटी पर लौटेंगे।परेड ग्राउंड में 16 दिन से हड़ताल पर बैठे उपनल कर्मचारियों ने देर रात भी मोर्चा जारी रखा।उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक विनोद गोदियाल ने कहा कि सरकार ने सकारात्मक निर्णय लिया है और शासनादेश मिलने के बाद ही कर्मचारी काम पर लौटेंगे।बैठक में कर्मचारी प्रतिनिधियों में हरीश कोठारी, महेश भट्ट, विनय प्रसाद, जगत राम भट्ट, अजय डबराल और पीएस बोरा शामिल रहे।
कर्मचारियों को उम्मीद — अब मिलेगा हक
इस निर्णय से लंबे समय से संघर्ष कर रहे उपनल कर्मियों में खुशी की लहर है। उनका कहना है कि सरकार ने उनकी सही मांगों को समझा और स्वीकार किया।
CM धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक
सीएम आवास में हुई बैठक में सचिव कार्मिक शैलेश बगौली,प्रमुख सचिव वित्त आरके सुधांशु,सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडे,सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी उपस्थित रहे।